नयी दिल्ली, 24 नवंबर गूगल ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) की डिजिटल अनुषंगी जियो प्लेटफार्म्स में 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी के एवज में 33,737 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। इसके साथ कंपनी फेसबुक जैसी वैश्विक निवेशकों की सूची में शामिल हो गयी है।
उद्योगपति मुकेश अंगानी की कंपनी ने मंगलवार को एक यह जानकारी दी। गूगल का परिचालन अमेरिकी कंपनी अल्फाबेट इंक करती है।इस सौदे के साथ अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी का किसी भारतीय कंपनी में अबतक का सबसे बड़ा निवेश है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने केवल 11 सप्ताह में 13 वित्तीय और रणनीतिक निवेशकों को जियो प्लेटफार्म्स की कुल मिला कर 33 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 1.52 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटायी। इससे कंपनी मार्च 2021 के लक्ष्य से पहले ही शुद्ध रूप से कर्ज को खत्म करने में कामयाब रही।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘सभी जरूरी मंजूरी के बाद कंपनी की अनुषंगी जियो प्लेटफार्म्स को गूगल इंटरनेशनल एलएलसी से 33,737 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है।’’ गूगूल इंटरनेशनल एलएलसी, गूगल एलएलसी की पूर्ण अनुषंगी है।
यह भी पढ़े | Bihar: बेगुसराय में ज्वेलर के बेटे का अपहरण, 1 करोड़ की फिरौती की मांग.
जियो प्लेटफार्म्स ने इक्विटी शेयर गूगल इंटरनेशनल एलएलसी को आबंटित कर दिया है। इस आबंटन के बाद गूगल इंटरनेशनल एलएलसी की जियो प्लेटफार्म्स में 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
गूगल और जियो प्लेटफार्म्स सस्ता स्मार्टफोन विकिसत करने के लिये भी गठजोड़ करेगी। दोनों कंपनियों ने जुलाई में यह जानकारी दी थी।
जियो प्लेटफार्म्स में दूरसंचार सेवा जियो के अलावा आरआईएल की ब्राडबैंड कनेक्टिविटी, बिग डेटा एनालिटिक्स और कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी डिजिटल संपत्तियां शामिल हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY