नयी दिल्ली, आठ अगस्त फ्रांस ने मंगलवार को कहा कि 2030 तक भारत से 30,000 विद्यार्थियों का स्वागत करने के तहत उसका मकसद दोनों देशों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता एवं सांस्कृतिक संबंध को प्रोत्साहित करना तथा स्थायी दोस्ती बढ़ाना है।
इस नये कार्यक्रम के तहत फ्रांस ने पूर्व विद्यार्थियों को पांच साल का ‘शेंगेन सर्कुलेशन वीज़ा’ देने की योजना बनायी है।
पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेरिस यात्रा के दौरान फ्रांस ने भारतीय विद्यार्थियों एवं पूर्व विद्यार्थियों का स्वागत करने के लिए कई बड़ी नयी पहलों की घोषणा की थी।
फ्रांस दूतावास ने इस कार्यक्रम का ब्योरा देते हुए बताया कि फ्रांस मानता है कि जब एक भारतीय विद्यार्थी फ्रांस में केवल एक सेमेस्टर भी पूरा करता है तो उससे एक ऐसा सेतु बनता है ‘जिसे कायम रखने और उसपर खुशी मनाने की जरूरत है।’
उसने कहा, ‘‘ यही कारण है कि जिन भारतीय विद्यार्थियों के पास स्नातोकोत्तर या उससे अधिक की डिग्री है तथा जिन्होंने फ्रांस में कम से कम एक सेमेस्टर गुजारा है , वे पांच साल के शेंगेन सर्कुलेशन वीज़ा के पात्र हैं।’’
उसने कहा कि यह पूर्व भारतीय विद्यार्थियों के लिए फ्रांस और अपने फ्रांसीसी समकक्षों के साथ प्रगाढ़ संबंध बनाये रख पाने के लिए विशेष व्यवस्था है।
फ्रांसीसी राजदूत इमैनुअल लेनैन ने कहा, ‘‘ विद्यार्थियों के फायदे के लिए राष्ट्रपति (इमैनुअल) मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिये गये निर्णय को लागू करने के लिए हमारी टीम दोगुनी गति से काम कर रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ फ्रांस सदैव समावेशी एवं विविधतापूर्ण देश रहा है और वह अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं विश्वस्तरीय शिक्षा अवसरों को भारतीय विद्यार्थियों के साथ साझा करने का इच्छुक है।’’
राजदूत ने कहा कि इस विशेष कार्यक्रम के तहत फ्रांसीसी एवं अन्य अकादमिक विषयों में समग्र प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे भारतीय विद्यार्थी अध्ययन में शानदार प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे तथा सुचारू रूप से फ्रांसीसी शिक्षा प्रणाली में स्वयं को ढाल सकेंगे।
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