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Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद परिवारों ने सच मानने से किया इनकार, मनोचिकित्सकों को करनी पड़ी मशक्कत

अहमदाबाद में हुए विनाशकारी विमान हादसे के बाद चारों ओर ग़म और अविश्वास का माहौल था. मृतकों के परिवार किसी जवाब, उम्मीद या शायद सिर्फ सांत्वना की तलाश में सिविल अस्पताल पहुंचे थे. इस दौरान कई दृश्य देखने को मिले.

Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद परिवारों ने सच मानने से किया इनकार, मनोचिकित्सकों को करनी पड़ी मशक्कत

अहमदाबाद, 26 जून : अहमदाबाद में हुए विनाशकारी विमान हादसे के बाद चारों ओर ग़म और अविश्वास का माहौल था. मृतकों के परिवार किसी जवाब, उम्मीद या शायद सिर्फ सांत्वना की तलाश में सिविल अस्पताल पहुंचे थे. इस दौरान कई दृश्य देखने को मिले. एक पति अपनी पत्नी को खोने के बाद अपराध बोध से ग्रस्त दिखा; एक पिता गुस्से में यह स्वीकार करने से इनकार कर रहा था कि उसका बेटा इस दुनिया से चला गया है; और कई लोग भावनात्मक रूप से टूटे हुए दिखे.

इस दौरान मनोचिकित्सक चुपचाप उनकी बात सुनते हुए सहानुभूति व्यक्त कर रहे थे. अहमदाबाद में 12 जून को हुए विनाशकारी विमान हादसे ने शहर के लोगों को झकझोर कर रख दिया. कई लोगों के लिए, यह एक ऐसा अनुभव था जो उनकी कल्पना से कहीं अधिक कष्टदायक था. अफरातफरी के बीच, यहां बी जे मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी. पांच सीनियर रेजिटेंड और पांच परामर्शदाताओं की मनोचिकित्सक टीम को अस्पताल के कसौटी भवन, पोस्टमॉर्टम बिल्डिंग और सिविल अधीक्षक कार्यालय में चौबीस घंटे तैनात किया गया. यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र : अनाज खरीद में अनियमितताओं के लिए आदिवासी निगम का अधिकारी बर्खास्त

उनका काम त्रासदी के बाद मानसिक आघात का सामना कर रहे परिवारों को सहारा देना है. अब तक 259 पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें भारत के 199 और ब्रिटेन, पुर्तगाल व कनाडा के 60 नागरिक शामिल हैं. 256 यात्रियों के शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं. बीजेएमसी की डीन और मनोचिकित्सा प्रमुख डॉ. मीनाक्षी पारीख ने कहा, “दुर्घटना अकल्पनीय थी. यहां तक कि आसपास खड़े लोग भी परेशान थे. फिर किसी ऐसे व्यक्ति की क्या हालत होगी जिसने अपने प्रियजन को खो दिया हो?” उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, “अगर खबर सुनने वाले लोग इतने परेशान थे, तो हम उन लोगों के परिवार के सदस्यों की मनःस्थिति की कल्पना भी नहीं कर सकते जिन्होंने अपनी जान गंवाई है.”

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 26, 2025 11:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).