जरुरी जानकारी | ट्रेलर के एक्सल पर डंपिंगरोधी शुल्क में चीनी कंपनियों की जालसाजी की जांच कर रहा डीजीटीआर

नयी दिल्ली, 17 सितंबर वाणिज्य मंत्रालय की जांच शाखा डीजीटीआर (व्यापार उपचार महानिदेशालय) ने चीन की कुछ कंपनियों द्वारा ट्रेलर एक्सल के आयात पर लगाये गये डंपिंगरोधी शुल्क से बचने में कथित जालसाजी की जांच शुरू की है।

ट्रेलर के एक्सलों का इस्तेमाल वाहनों में किया जाता है। इनके ऊपर वित्त मंत्रालय ने नवंबर 2016 में डंपिंग रोधी शुल्क लगाया था।

यह भी पढ़े | ITR Filing Deadline: केवल 13 दिन बाकी, जुर्माने से बचने के लिए 30 सितंबर से पहले ऐसे पूरा करें आयकर रिटर्न का काम.

एक अधिसूचना के अनुसार, निदेशालय को सीमा शुल्क आयुक्त (आयात), न्हावा शेवा से जानकारी मिली है कि उत्पाद का सीकेडी (कम्पलीट नॉक डाउन) व एसकेडी (सेमी नॉक डाउन) के रूप में आयात किया जा रहा है। इसके बाद इन्हें ट्रेलर एक्सल के तौर पर असेंबल किया जा रहा है।

प्रथमदृष्ट्या प्राप्त जानकारी से पता चलता है कि इन उत्पादों पर लगे डंपिंगरोधी शुल्क से बचने में जालसाजी की जा रही है। ‘‘इसे देखते हुये प्राधिकरण ने इस मामले की जांच शुरु की है।

यह भी पढ़े | RBI’s New Rules for Debit and Credit Cards: RBI ने बदले डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़े ये नियम, 30 सितंबर से होंगे लागू.

डीजीटीआर ने अलग से एक अधिसूचना में बताया कि उसने चीन और दक्षिण कोरिया से आयातित सोडियम हाइड्रोसल्फाइट के डंपिंग की भी जांच शुरू की है। इस रसायन का इस्तेमाल वस्त्र, साबून और ग्लू जैसे उत्पादों में किया जाता है।

एक कंपनी द्वारा निदेशालय में आवेदन दाखिल करने के बाद यह जांच शुरू की गई है। कंपनी ने शिकायत की है कि रसायन की डंपिंग से घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंच रहा है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)