नयी दिल्ली, आठ अगस्त दिल्ली महिला आयोग ने शहर की पुलिस के साथ मिलकर 14 वर्षीय एक लड़की को ग्रेटर कैलाश से मुक्त कराया है जिससे जबरन घरेलू सहायिका का काम लिया जा रहा था। मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
विज्ञप्ति के मुताबिक शनिवार को दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) को ‘सिल्वर सेवन’ नामक संगठन से शिकायत मिली थी जिसने बताया था कि शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित ग्रेटर कैलाश में एक नाबालिग लड़की से जबरन घरेलू सहायिका का काम करवाया जा रहा है। संगठन ने सूचित किया कि लड़की को उसकी इच्छा के विपरीत उक्त घर में रखा गया है और उसका मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
बयान के मुताबिक लड़की को मुक्त करा पुलिस थाने में लाया गया। वह इतनी डरी हुई थी कि बार-बार दोबारा घर नहीं भेजने की गुहार लगा रही थी।
डीसीडब्ल्यू ने बताया, ‘‘ लड़की झारखंड के गिरिडीह जिले की रहने वाली है। बचपन में ही उसके माता-पिता की मौत हो गई और उसके परिवार में उसके दो भाई एवं दो बहन है। लड़की ने बताया कि भाई और भाभी उसका उत्पीड़न करते थे और यहां तक पिटाई करते थे जिसकी वजह से वह 2021 में घर से भाग कर अपने पड़ोसी के साथ दिल्ली चली आई।’’
बयान के मुताबिक लड़की ने बताया कि जिस परिवार के लिए वह काम करती थी, उसमें चार सदस्य थे और मकान मालिक की पत्नी उसका उत्पीड़न करती थी। लड़की के मुताबिक दंपति ने बताया कि उसे मोटी रकम का भुगतान करके लाए हैं और इसलिए उसे जाने नहीं देंगे।
लड़की ने बताया कि एक बार उसने झारखंड में रहने वाले चाचा बुलाया था लेकिन मकान मालिक ने उसे झिड़क कर भगा दिया और उनके साथ जाने नहीं दिया। बयान के मुताबिक लड़की ने अपनी आप बीती घर में कुक काम करने आए व्यक्ति को बताई जिसने गैर सरकारी संगठन से संपर्क किया।
पुलिस ने बताया कि उसने लड़की को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया है और मौजूदा समय में वह आश्रय गृह में रह रही है।
डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा,‘‘ हम मामले में नोटिस जारी कर रहे हैं। यह शर्मनाक है कि जीके-1 जैसे पॉश इलाके में बंगले में रहने वाले लोगों ने लड़की का ऐसा उत्पीड़न किया। उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने और सख्त कार्रवाई की जरूरत है।’’
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