नयी दिल्ली, 21 मार्च : भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी और विधान परिषद सदस्य कविता (44) पूर्वाह्न 11:30 बजे ईडी कार्यालय पहुंचीं. कविता तीसरी बार ईडी के सामने पूछताछ के लिए पहुंची हैं. इससे पहले 11 और 20 मार्च को वह मध्य दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में करीब 18-19 घंटे रही थीं . सोमवार को बीआरएस नेता रात करीब 9:15 बजे ईडी दफ्तर से निकली थीं. सूत्रों के अनुसार कल उनसे पूछताछ में करीब एक दर्जन सवाल पूछे गये और उनका बयान दर्ज किया गया.
समझा जाता है कि कविता से हैदराबाद के उद्योगपति अरुण रामचंद्र पिल्लै के बयानों के संबंध में भी पूछताछ की गई जिन्हें मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है. पिल्लै का कविता से कथित तौर पर अच्छा संपर्क है. कविता ने कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार ईडी का इस्तेमाल कर रही है क्योंकि पार्टी को तेलंगाना में ‘पिछले दरवाजे से प्रवेश’ नहीं मिल सका है. यह ही पढ़ें : न्यायालय का चलन से बाहर किए नोटों को स्वीकार करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार
ईडी ने कहा था कि पिल्लै ‘साउथ ग्रुप’ का प्रतिनिधित्व करते हैं जो कविता और अन्य लोगों का कथित शराब कारोबारी समूह है. इसने 2020-21 की दिल्ली आबकारी नीति (अब रद्द हो चुकी) के तहत राष्ट्रीय राजधानी के बाजार में बड़ी हिस्सेदारी पाने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) को करीब 100 करोड़ रुपये रिश्वत दी थी. ईडी ने पिल्लै के रिमांड पत्र में यह आरोप भी लगाया कि वह मामले में कविता के बेनामी निवेश से जुड़े हैं. कविता से इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भी हैदराबाद स्थित उनके घर पर पूछताछ की थी.