ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उसके युद्धपोत को डुबोने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. ईरानी युद्धपोत भारत का मेहमान था. जानिए 5 मार्च की बड़ी खबरें और अपडेट्स.ईरान की चेतावनी, भारत के मेहमान युद्धपोत को डुबोने की भारी कीमत चुकाएगा अमेरिका
हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी पनडुब्बी का हमला
35 साल बाद बड़ा गोता लगाएगी चीन की अर्थव्यवस्था
अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नामंजूर: मुनीर
ईरानी राजदूत बोले, अमेरिकी नीयत जानते हुए भी वार्ता के लिए गए
अजरबैजान ने लगाया ईरान पर ड्रोन हमले का आरोप
खाड़ी देशों के लिए एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की तैयारी में इटली
मुख्यमंत्री पद से विदा लेकर राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार
अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नामंजूर: मुनीर
पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख, फील्ड मार्शल असीम मुनीर बुधवार को अफगानिस्तान की जमीन के आतंकवाद के लिए इस्तेमाल को "अस्वीकार्य" करार दिया. पाकिस्तानी सेना की कम्युनिकेशन शाखा के अनुसार, मुनीर ने दक्षिण वजीरिस्तान के वाना क्षेत्र में पाकिस्तान-अफगान सीमा का दौरा किया, जहां उन्होंने सुरक्षा हालात और सेना की परिचालन तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ अफगान जमीन का दुरुपयोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हमलों के बाद फिर तनाव बढ़ा
मुनीर का यह दौरा उस समय हुआ है जब पाकिस्तान ने 26 फरवरी की रात एक ऑपरेशन शुरू किया. यह कार्रवाई 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा के 53 स्थानों पर अफगान तालिबान के कथित हमलों के बाद की गई थी. मुनीर ने दोहराया कि क्षेत्र में स्थायी शांति तभी संभव है जब अफगान तालिबान आतंकवाद और आतंकी संगठनों के प्रति अपने समर्थन को पूरी तरह समाप्त करे.
ईरानी राजदूत बोले, अमेरिकी नीयत जानते हुए भी वार्ता के लिए गए
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा है कि तेहरान ने अमेरिका की नीयत पर संशय होने के बावजूद बातचीत का रास्ता चुना था, लेकिन तय समय से पहले ही उस पर हमला कर दिया गया. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने बताया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खमेनेई "इतिहास के सही पक्ष में खड़े रहने" की सलाह देते थे, और उसी सिद्धांत पर चलकर ईरान ने वार्ता की कोशिश की.
फथाली ने कहा, "हम जानते थे उनकी नीयत क्या है, फिर भी बातचीत की मेज पर गए, लेकिन उन्होंने वक्त खुद तय किया और उससे पहले हमला कर दिया. हमने साफ कर दिया था कि इसका जवाब दिया जाएगा."
क्षेत्रीय तनाव पर बोलते हुए ईरानी राजदूत ने इस्राएल पर पश्चिम एशिया में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि "इस्राएली शासन" क्षेत्र की संपत्तियों और बुनियादी ढांचे को तबाह करना चाहता है. फथाली ने दावा किया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों को निशाना नहीं बनाता है, लेकिन कुछ क्षेत्रीय ठिकानों का उपयोग अमेरिका की ओर से किया गया.
अजरबैजान ने लगाया ईरान पर ड्रोन हमले का आरोप
अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को ईरान पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया. विदेश मंत्रालय के मुताबिक बुधवार को ईरान से दो ड्रोन उसकी सीमा में दाखिल हुए. इनमें से एक एयरपोर्ट की बिल्डिंग से टकराया और दूसरा एक स्कूल के पास गिरा. ड्रोन हमलों में दो लोग घायल हुए हैं.
अजरबैजान ने इन ड्रोन हमलों की निंदा करते हुए ईरान से जवाब मांगा है. साथ ही अजरबैजान ने यह भी कहा है कि उसे "उचित जवाबी कदम" उठाने का अधिकार है. ईरान ने अजरबैजान को निशाना बनाने की पुष्टि नहीं की है.
अजरबैजान के मीडिया के मुताबिक, ड्रोन के एयरपोर्ट की इमारत से टकराने के बाद एक धमाका हुआ. सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे कुछ वीडियोज में एयरपोर्ट की इमारत से धुआं उठता दिख रहा है.
नाखिचेवान इनक्लेव, ईरान और अर्मेनिया की सीमा से सटा है. अजरबैजान से यह थोड़ा दूर है. अर्मेनिया की सीमा के भीतर आने वाले इस इनक्लेव को लेकर अजरबैजान और अर्मेनिया में विवाद भी है. इस विवाद में तुर्की अजरबैजान के साथ खड़ा रहता है, जबकि ईरान, अर्मेनिया के साथ.
ईरान समर्थक प्रदर्शनों के बाद कश्मीर में स्थिति सुधरी, लेकिन प्रतिबंध बरकरार
अमेरिका-इस्राएल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली खमेनेई की मौत के विरोध में जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शनों के बाद तनाव धीरे-धीरे कम हो रहा है, हालांकि कश्मीर में गुरुवार को भी प्रतिबंध जारी रहे.
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे घाटी क्षेत्र में दिनभर प्रतिबंध लागू रहेंगे और किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन या जनसभा की अनुमति नहीं होगी.
श्रीनगर जिले और घाटी के अन्य जिलों में सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस और सीआरपीएफ की टुकड़ियों को तैनात किया गया था. प्रतिबंधों को लागू करने के लिए सड़क चौराहों पर बैरिकेड और नाकाबंदी की गई थी.
श्रीनगर और कश्मीर के अन्य जिलों में शिया मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में इन प्रतिबंधों को और अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है.
रिपोर्टों के मुताबिक इंटरनेट सेवाएं 2जी स्पीड पर उपलब्ध रहेंगी, जबकि प्रीपेड मोबाइल फोन पर सेवाएं अगले आदेश तक निलंबित रहेंगी. अधिकारियों ने इंटरनेट पर आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने के आरोप में कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है.
खाड़ी देशों के लिए एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की तैयारी में इटली
यूरोपीय संघ का देश इटली, अपना एयर डिफेंस सिस्टम मध्य पूर्व भेजने की योजना बना रहा है. इटैलियन एयर डिफेंस सिस्टम, ईरानी हमलों के खिलाफ खाड़ी के देशों की सुरक्षा करेगा. यह एलान खुद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने किया है.
गुरुवार को एक रेडियो स्टेशन RTL 102.5 से बात करते हुए मेलोनी ने कहा कि खाड़ी के देशों में हजारों इतालवी नागरिक रहते हैं और वहां करीब 2,000 इटैलियन सैनिक भी तैनात हैं, "हमें इन लोगों की जरूरत है और हमें उनकी रक्षा जरूर करनी होगी."
मेलोनी के मुताबिक, "ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की तरह इटली भी खाड़ी के देशों को सहायता देना चाहता है, विशेष रूप से रक्षा के मामले में, वो भी खासतौर पर एयर डिफेंस को लेकर."
मेलोनी से जब यह पूछा गया कि क्या इटली, मध्य पूर्व में मौजूद अपने सैनिक अड्डों को अमेरिकी सेना को इस्तेमाल करने देगा? तो उन्होंने कहा कि इटली और साझेदार देश, मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों का सम्मान करेंगे. 1954 के एक समझौते के तहत अमेरिका, इटली के सैन्य अड्डे इस्तेमाल कर सकता है.
हालांकि इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी बड़े अभियान के लिए इतालवी सैन्य अड्डों का इस्तेमाल अमेरिका तभी कर सकेगा जब इटली की संसद इसकी मंजूरी दे. मेलोनी ने यह भी कहा कि अब तक अमेरिका की तरफ से रोम को ऐसी कोई दरख्वास्त नहीं मिली है.
ईरान युद्ध और ट्रंप की ताकत से जुड़ा प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में खारिज
अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की युद्ध संबंधी शक्तियों पर अंकुश लगाने वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. बुधवार को सीनेट में इस प्रस्ताव पर वोटिंग हुई. मतदान में 53 सांसदों ने प्रस्ताव के विरोध में वोट दिया, जबकि 47 ने इसके पक्ष में.
डेमोक्रैट सांसद टिम कैन और रिपब्लिकन सांसद रैंड पॉल द्वारा सीनेट के सामने पेश किए गए इस प्रस्ताव में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना के अभियान को रोकने की मांग की गई थी. ऐसी किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिकी संसद की मंजूरी को अनिवार्य बनाना भी प्रस्ताव का एक लक्ष्य था.
अमेरिकी संसद में सीनेट, 50 राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाला सदन है. सीनेट में हर राज्य के दो चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं. फिलहाल सीनेट में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मामूली बढ़त है. गुरुवार को संसद से दूसरे सदन, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इस प्रस्ताव पर मतदान होगा.
खाड़ी में बढ़ते तनाव पर ऑस्ट्रेलिया और कनाडा का बयान: "ईरान हमले रोके, हालात शांत हों"
ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में गुरुवार, 5 मार्च को हुई बैठक में ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के प्रधानमंत्रियों ने अमेरिका‑इस्राएल और ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव पर चिंता जताते हुए तुरंत इसे घटाने की अपील की. कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि क्षेत्र में हो रही झड़पों से व्यापक संघर्ष फैलने का खतरा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहता है कि हालात बिगड़ने से पहले सभी पक्ष संयम बरतें.
बैठक ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले पेंटागन ने दावा किया कि भारतीय महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत को डुबो दिया है, जबकि तुर्की ने बताया कि नाटो की मिसाइल रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले रोक लिया. ईरान हाल के दिनों में खाड़ी देशों के पेट्रोलियम ढांचे पर भी हमले कर रहा है.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज और कार्नी दोनों ने कहा कि किसी टिकाऊ समाधान के लिए यह जरूरी है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से हमेशा के लिए रोका जाए. अल्बानीज ने कहा कि खाड़ी देशों पर नागरिक और पर्यटन स्थलों तक पर हमले किए जा रहे हैं, और दुनिया चाहती है कि ईरान अपनी आक्रामक गतिविधियां रोके. दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय शांति तभी संभव है जब ईरान की परमाणु क्षमता और आतंकी गतिविधियों को रोकने के स्पष्ट कदम उठाए जाएं.
35 साल बाद बड़ा गोता लगाएगी चीन की अर्थव्यवस्था
चीन कई दशकों बाद अपनी जीडीपी विकास दर में बड़ी गिरावट देखने जा रहा है. चीन ने पीपुल्स पार्टी के वार्षिक अधिवेशन की शुरुआत में ही विकास दर में कटौती का जिक्र किया है. गुरुवार को अधिवेशन की शुरूआत में ही चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने सरकार की कार्य रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में जीडीपी विकास दर का लक्ष्य 4.5 से 5 प्रतिशत रखा गया है.
बीजिंग ने आखिरी बार विकास दर में 4.5 फीसदी की वृद्धि का लक्ष्य 1991 में रखा था. माना जा रहा है कि विकास दर में इस गिरावट के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की उथल पुथल भरी व्यापारिक नीतियां और भूराजनीतिक समीकरण भी जिम्मेदार हैं.
अमेरिका के बाद चीन दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है. प्रधानमंत्री ली कियांग के मुताबिक, फिलहाल उनका देश कई चुनौतियों का सामना कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहां मुक्त व्यापार जैसी संधियां दबाव झेल रही हैं, वहीं चीन के भीतर भी घरेलू मांग अब भी कमजोर बनी हुई है. हाल के बरसों में लाखों चीनियों के लिए नौकरी खोजना और जीवनशैली को बरकरार रखना मुश्किल होने लगा है.
ईरान ने इराक के कुर्द गुटों पर हमला किया
इस्राएल और अमेरिका के ईरान पर हमलों से शुरू हुए ईरान युद्ध का दायरा अब और फैलने लगा है. ईरान ने इराक में कुर्द गुटों पर हमले करने का दावा किया है. इन हमलों में ईरान से भागे कुर्द गुटों के एक सदस्य के मारे जाने की पुष्टि भी हुई है.
असल में, एक दिन पहले ही यह खबर आई थी कि अमेरिका, तेहरान में सत्ता परिवर्तन के लिए कुर्द लड़ाकों को हथियारबंद करने की तैयारी कर रहा है. वॉशिंगटन चाहता है कि आजाद कुर्दिस्तान देश का सपना देखने वाले ये लड़ाके ईरान में घुसपैठ करें.
गुरुवार को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने कहा, "अलगाववादी ताकतों को यह नहीं सोचना चाहिए कि एक बयार बह रही है और उन्हें भी इसका फायदा उठाना चाहिए. हम उन्हें किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं करेंगे."
इस बीच शनिवार, 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ ईरान युद्ध छठे दिन भी जारी है. गुरुवार को भी ईरान की राजधानी तेहरान में कई धमाके सुनाई पड़े. इस्राएल ने लेबनान में भी हमले तेज किए गए. रिपोर्टों के मुताबिक, इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. अमेरिका के छह सैनिकों की मौत हुई है. इस्राएल ने हताहतों की कोई संख्या नहीं बताई है.
मुख्यमंत्री पद से विदा लेकर राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अटकलों को समाप्त करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नई बिहार सरकार को उनका "पूरा सहयोग और मार्गदर्शन" रहेगा.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास व समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, और उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है. आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है. इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है."
उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा, "संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं. इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं."
नीतीश कुमार ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा व आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प हमेशा कायम रहेगा. जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन रहेगा."
नीतीश कुमार पिछले लगभग 21 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने 2025 में 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. वह राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले राजनेता भी हैं.
हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी पनडुब्बी का हमला
अमेरिका के एक पनडुब्बी हमले में ईरानी युद्धपोत IRIS डेना के डूबने की पुष्टि श्रीलंका ने की है. घटना श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई, जहां से सैन्य बचावकर्मियों ने अब तक 87 शव बरामद किए हैं. करीब 32 नाविकों को जीवित बचाया गया है, जबकि लगभग 60 अब भी लापता बताए जा रहे हैं. श्रीलंका के उप-विदेश मंत्री ने युद्धपोत की पहचान डेना के रूप में की, जो भारत में आयोजित एक नौसैन्य अभ्यास से लौट रहा था.
क्या ईरान युद्ध तेल की कीमतों को ले जाएगा 100 डॉलर प्रति बैरल के पार?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेग्सेथ ने दावा किया कि अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद ईरानी पोत को टॉरपीडो से निशाना बनाया. पेंटागन द्वारा जारी एक वीडियो में जहाज के पिछले हिस्से में भीषण विस्फोट दिखाया गया है, जिसके बाद पोत तेजी से डूबने लगा. हालांकि वीडियो की तारीख और स्वतंत्र सत्यापन की पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन उसमें दिख रही संरचना IRIS डेना जैसी ही बताई जा रही है.
श्रीलंकाई नौसेना ने बताया कि उन्हें सुबह एक आपातकालीन कॉल मिली थी, जिसके बाद राहत अभियान शुरू किया गया. मौके पर पहुंचने वाली नौकाओं को केवल तेल का एक बड़ा फैलाव दिखाई दिया. कुछ समय बाद नाविकों और शवों को समुद्र में तैरते हुए पाया गया, जिनमें युद्धपोत का कमांडर और कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे. बचाए गए अधिकारियों ने श्रीलंकाई नौसेना को बताया कि उनका पोत एक पनडुब्बी हमले का शिकार हुआ.
ईरान की चेतावनी, भारत के मेहमान युद्धपोत को डुबोने की भारी कीमत चुकाएगा अमेरिका
ईरान के विदेश मंत्री ने गुरुवार, 5 मार्च को अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि श्रीलंका के तट के पास उसके युद्धपोत पर हमला, अमेरिका को बहुत महंगा पड़ेगा. ईरानी विदेश मंत्री अरागची ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर लिखा, "युद्धपोत डेना, 130 नाविकों के साथ भारतीय नौसेना का मेहमान था, उसे बिना चेतावनी अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में निशाना बनाया गया. मेरे शब्द लिख लीजिए: अमेरिका इस परिपाटी को शुरू करने की बहुत ही भारी कीमत चुकाएगा."
इस बीच भारत ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना भारत के नौसैनिक अड्डों का इस्तेमाल कर रही है. असल में एक वीडियों में अमेरिकी सेना के पूर्व कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने दावा किया कि, मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अड्डों के तबाह होने के कारण, अमेरिकी सेना को भारतीय बंदरगाह इस्तेमाल करने पड़ रहे हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है.













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