नयी दिल्ली, 17 सितंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बृहस्पतिवार को पर्यावरण मंत्रालय और गुजरात सरकार को कच्छ जिले में मैंग्रोव :उष्णकटिबंधीय वन: को नुकसान पहुंचाने वालों से हर्जाना वसूलने का निर्देश दिया ।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए के गोयल की पीठ ने कहा कि मैंग्रोव को नुकसान पहुंचाया गया लेकिन इसे नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान नहीं की गयी जबकि दीन दयाल पोर्ट ट्रस्ट को इसकी जिम्मेदारी दी गयी थी।
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पीठ ने कहा, ‘‘इस अधिकरण के 11 सितंबर 2019 के आदेश को लागू करने के लिए कदम उठाए जाएं। निर्धरित रकम जल्द से जल्द वसूलें और उन स्थानों को पहले की तरह बनाने का काम शुरू करें। वन विभाग और गुजरात तटीय जोन प्रबंधन प्राधिकरण की एक संयुक्त कमेटी इसकी निगरानी कर सकती है।’’
एनजीटी ने बताया कि आदेश का पालन करवाने के लिए वन विभाग नोडल एजेंसी की तरह काम करेगा ।
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आरोप लगाया गया था कि दीन दयाल पोर्ट ट्रस्ट गुजरात के कच्छ जिले में मैंग्रोव को बचाने के लिए कदम नहीं उठा रहा है । मामले में केंद्र और अन्य के जवाब मांगे गए थे ।
मैंग्रोव धरती तथा समुद्र के बीच दीवार की तरह काम करते हैं तथा समुद्री प्राकृतिक आपदाओं से तटों की रक्षा करते हैं।
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