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UP Politics: सपा नेता आजम खान से जेल में मिले कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम, राजनीतिक अटकलें बढ़ी

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान से सोमवार को कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुलाकात की और कहा कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को छोटे-छोटे मामलों में जेल में रखना उत्पीड़न करने और गंभीर अत्याचार के समान है.

UP Politics: सपा नेता आजम खान से जेल में मिले कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम, राजनीतिक अटकलें बढ़ी
आजम खान (Photo Credits: PTI)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी (SP)  के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान (Azam Khan) से सोमवार को कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम (Pramod Krishnam) ने मुलाकात की और कहा कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को छोटे-छोटे मामलों में जेल में रखना उत्पीड़न करने और गंभीर अत्याचार के समान है.सपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा भी रविवार को आजम खान से मिलने सीतापुर जेल में आए थे, लेकिन उनसे नहीं मिल पाए थे. हालांकि, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को सीतापुर जेल में आजम खान से मुलाकात की थी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि पार्टी आजम खान के लिए न तो संघर्ष कर रही है और न ही उनकी मदद कर रही है। उन्होंने कहा था कि वह जल्द ही इस मामले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखेंगे.

जिला कारागार में सोमवार को आजम खान से मुलाकात के बाद बाहर आने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पत्रकारों से कहा कि हम व्यक्तिगत रूप से मानते हैं कि आजम खान को निशाना बनाया गया और प्रताड़ित किया गया। कृष्णम ने कहा, "मुझे विश्वास है कि अदालत के फैसले के बाद वह जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे. उन्होंने कहा, "आजम खान जैसे नेताओं को बकरी चोरी और ऐसे अन्य मामलों में जेल में डालना उन पर बहुत बड़ा अत्याचार है।" आचार्य ने कहा, "उनके (भाजपा सरकार) द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न का आने वाले दिनों में देश की राजनीति पर असर पड़ेगा. यह भी पढ़े: UP Politics: क्या ओवैसी की पार्टी में शामिल होंगे सपा नेता आजम खान? AIMIM से मिला न्योता

एक सवाल के जवाब में कांग्रेस नेता ने कहा कि सपा नेतृत्व भाजपा से लड़ने में सक्षम नहीं है और उसके नेताओं को इसके बारे में सोचने की जरूरत है. कृष्णम ने यह भी कहा, "इस देश में मुस्लिम होना अब एक अपराध है और मेरा मानना है कि आजम खान को निशाना बनाया जा रहा है और प्रताड़ित किया जा रहा है. कृष्णम ने कहा, "मैं उनसे मिलने आया था और मैंने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ की। मेरी मुलाकात सौहार्दपूर्ण थी और उन्होंने मुझे खाने के लिए खजूर की पेशकश की, मैंने उन्हें गीता उपहार में दी, क्योंकि गीता न्याय की पुस्तक है.

यह पूछे जाने पर कि क्या आजम खान कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं, कृष्णम ने जवाब दिया कि वह आजम और उनके परिवार के शुभचिंतक हैं और आज की बैठक में कुछ भी राजनीतिक नहीं है।

प्रमोद कृष्णम ने कहा, "हमारे मुख्यमंत्री संत और द्रष्टा हैं, उनका दिल बड़ा होना चाहिए और उन्हें निष्पक्ष होना चाहिए। उनके नेतृत्व में निर्दोषों के साथ कोई अन्याय नहीं होना चाहिए. समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने रविवार को आरोप लगाया था कि उन्हें जेल में खान से मिलने नहीं दिया गया.

मेहरोत्रा ने यह भी आरोप लगाया था कि खान को सीतापुर जेल के अंदर मारा जा सकता है।

मेहरोत्रा ने जिला जेल के बाहर संवाददाताओं से कहा, "जेल प्रशासन ने मुझे आजम खान से मिलने नहीं दिया और मुझे बताया गया कि वह अस्वस्थ हैं और सो रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि राज्य एक तरह से अघोषित आपातकाल के दौर से गुजर रहा है और सरकार ही लोकतंत्र की हत्या कर रही है। हमें आशंका है कि आजम खान को जेल में भी मारा जा सकता है.

हाल ही में आजम खान खेमे ने भी सपा प्रमुख अखिलेश के प्रति नाखुशी जाहिर करते हुए दावा किया था कि वह जेल में बंद विधायक और मुस्लिम समुदाय की अनदेखी कर रहे हैं, जबकि मुस्लिम समाज ने सपा को वोट दिया है। आजम खान के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खान ने अखिलेश यादव पर अपने नेता की अनदेखी करने का आरोप लगाया था. इसके बाद यह अटकलें तेज हो गईं कि आजम खान का खेमा सपा प्रमुख से नाराज चल रहा है.

रविदास मेहरोत्रा से रविवार को आजम खान की मुलाकात न होने और एक दिन बाद ही सोमवार को आचार्य प्रमोद कृष्णम से हुई खान की मुलाकात ने इन अटकलों को और बल दिया है कि वह सपा से नाराज चल रहे हैं. शुक्रवार को ही सपा प्रमुख का बचाव करते हुए सपा विधायक और पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा तथा सपा गठबंधन में साझीदार सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अलग-अलग बयान जारी करके आजम खान से जेल में मुलाकात करने की बात कही थी। मेहरोत्रा रविवार को सीतापुर जेल में आजम खान से मिलने भी पहुंच गए, लेकिन आजम खान से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी.

अखिलेश और आजम के बीच बढ़ती दूरियों को लेकर उठते सवालों पर सफाई देते हुए मेहरोत्रा ने कहा था, ''अखिलेश यादव ने खुद हमें आजम खान से मिलने के लिए कहा था. मेहरोत्रा ने कहा कि आजम खान एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता हैं और कई सुविधाओं के हकदार हैं, लेकिन उन्हें जेल में एक सामान्य अपराधी की तरह रखा गया है. मेहरोत्रा ने कहा, "उन्हें चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत है और ऐसा लगता है कि सरकार इससे इन्कार कर रही है। यह उनके लिए घातक हो सकता है।" उन्होंने कहा, "हम आजम खान का मुद्दा विधानसभा में उठाएंगे और उनके लिए लड़ेंगे। हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को ब्योरा देंगे.

यह पूछे जाने पर कि क्या समाजवादी पार्टी के नेता खान से मिलने में देर कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता खान से पहले दो बार मिल चुके हैं. विधायक ने दावा किया कि जब खान को कोविड के इलाज के लिए लखनऊ में भर्ती कराया गया था, तब सपा नेता और पार्टी प्रमुख लगातार उनके संपर्क में थे. सपा विधायक ने कहा, "खान 26 महीने से अधिक समय से जेल में हैं और राज्य सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है, भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को कुचल रही है और लोगों का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटका रही है. हाल ही में सपा के सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी रामपुर में खान के परिवार से मुलाकात की थी.

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 25, 2022 05:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).