सरकार ने वाणिजयिक खनन योजना में 38 कोयला ब्लॉक को नीलामी के लिये रखा है।
कोयला मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘23 कोयला ब्लॉक के लिये 76 बोलियां आयी हैं...कुल 42 कंपनियों ने नीलामी प्रक्रिया के तहत बोलियां जमा की हैं।’’
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सर्वाधिक सात बोलियां अडाणी एंटरप्राइजेज ने जमा की हैं। उसके बाद हिंडाल्को और जेएमएस माइनिंग (पांच-पांच ब्लॉक) का स्थान है। आंध्र प्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, अरबिंदो रीयल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और ईएमआईएल माइन्स एंड मिनरल रिसोर्सेज ने चार-चार ब्लॉक के लिये बोलियां लगायी हैं।
वेदांता लि. ने तीन, जिंदल स्टील एंड पावर लि. (जेएसपीएल) ने दो, जेएसडब्ल्यू स्टील और नाल्को समेत अन्य ने एक-एक ब्लॉक के लिये बोलियां जमा की।
बयान के अनुसार कुल 76 बोलियों में सर्वाधिक बोली गोतीतोरिया (पूर्व) और गोतीतोरिया (पश्चिम), गरे पालमा 4/1, गरे पालमा 4/7 कोयला ब्लाक (प्रत्येक के लिये आठ-आठ बोलियां) के लिये प्रापत हुई। इसके अलावा ब्रह्मदीहा और उरमा पहाड़ीटोला खदानों के लिये छह-छह बोलियां मिली।
मंत्रालय के अनुसार 19 कोयला ब्लाक के लिये दो या उससे अधिक बोलियां मिली हैं।
बोली का मूल्यांकन एक तकनीकी मूल्यांकन समिति करेगी और 19 अक्टूबर, 2020 से एमएसटीसी पोर्टल पर होने वाली इलेक्ट्रॉनिक नीलामी में भाग लेने के लिए तकनीकी रूप से योग्य बोलीदाताओं को छांटा जाएगा।
नीलामी प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन प्राप्त तकनीकी बोलियां बुधवार को बोलीदाताओं की मौजूदगी में खोली गयीं।
बोलीदाताओं को व्यक्तिगत रूप से या ऑनलइन बैठक में शामिल होने का विकल्प दिया गया था।
मंत्रालय ने कहा,‘‘ऑनलाइन बोलियों की कोडिंग को हटाया गया और बोलीदाताओं की उपस्थिति में इलेक्ट्रॉनिक रूप से खोला गया। इसके बाद, बोलीकर्ताओं की उपस्थिति में ऑफलाइन बोली दस्तावेजों वाले सीलबंद लिफाफे भी खोले गए। स्क्रीन पर बोली लगाने वालों के लिए पूरी प्रक्रिया प्रदर्शित की गई थी।’’
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