नागपुर, आठ जून महाराष्ट्र के नागपुर में सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद बनसोड की कथित आत्महत्या के कई दिन बाद पुलिस ने यहां एक एलपीजी एजेंसी के मालिक और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने यह कार्रवाई स्थानीय दलित नेताओं द्वारा मामले की गंभीर जांच की मांग के बाद की।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने पिछले हफ्ते एलपीजी एजेंसी के मालिक मिथिलेश उर्फ मयूर बंडोपंत उमरकर और उसके दो दोस्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है।
उन्होंने बताया कि बनसोड (32) स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और दलित थे। वह नागपुर जिले के नरखेड तहसील के पिम्पलधारा गांव के रहने वाले थे।
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अधिकारी ने बताया कि 27 मई को बनसोड अपने दोस्त गजानन राउत के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे और गैस एजेंसी के सामने जाकर तस्वीर खींच रहे थे।
उन्होंने कहा कि उमरकर और उसके दो दोस्तों ने इस पर आपत्ति जताई और कथित तौर पर बनसोड को थप्पड़ मारे एवं गाली गलौच की।
अधिकारी ने बताया कि इस घटना के बाद बनसोड ने राउत को मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाने को कहा। इस बीच उन्होंने नजदीकी दुकान से कीटनाशक खरीद कर खा लिया।
उन्होंने बताया कि जब राउत घटना स्थल पर लौटा तो बनसोड जमीन पर पड़े हुए मिले। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 29 मई को उनकी मौत हो गई।
अधिकारी के मुताबिक मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई।
अधिकारी ने बताया कि उमरकर ने स्थानीय अदालत से अग्रिम जमानत ली है।
पुलिस अधीक्षक राकेश ओला ने कहा कि पीड़ित के परिजन और बनसोड ने जहां से कीटनाशक खरीदा था उस दुकान के मालिक का बयान दर्ज कर लिया गया है।
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