एजेंसी न्यूज

कैंसर से पीड़ित डिंको सिंह कोविड-19 से उबरे, इम्फाल में अस्पताल से घर पहुंचे

जुलाई एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पूर्व मुक्केबाज डिंको सिंह कोविड-19 से उबर गये हैं, उन्हें शुक्रवार को वायरस की जांच में नेगेटिव पाया गया. कैंसर से जूझ रहे डिंको इम्फाल में पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे. अब वह अपने घर पहुंच गये हैं लेकिन अगले 14 दिन तक पृथकवास में रहेंगे.

कैंसर से पीड़ित डिंको सिंह कोविड-19 से उबरे, इम्फाल में अस्पताल से घर पहुंचे
डिंको सिंह (Photo Credits: Twitter)

नयी दिल्ली: जुलाई एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पूर्व मुक्केबाज डिंको सिंह कोविड-19 से उबर गये हैं, उन्हें शुक्रवार को वायरस की जांच में नेगेटिव पाया गया. कैंसर से जूझ रहे डिंको इम्फाल में पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे. अब वह अपने घर पहुंच गये हैं लेकिन अगले 14 दिन तक पृथकवास में रहेंगे.

यह भी पढ़े | Corona Update: भारत में Covid-19 की रिकवरी रेट 60.73% हुई, 24 घंटे के भीतर आए 20 हजार 903 नए मामले.

डिंको ने मई के अंतिम हफ्ते में अस्पताल में भर्ती हुए थे जिसके बाद उनके पांच कोविड-19 परीक्षण पॉजिटिव आये थे. यकृत के कैंसर से जूझ रहे इस पूर्व मुक्केबाज ने कहा, ‘‘यह एक महीना बहुत मुश्किल था. मैं डाक्टरों और नर्सों का शुक्रिया करता हूं जिन्होंने मेरा इलाज किया. मैं जिंदगी भर उनका कर्जदार रहूंगा.’’

यह भी पढ़े | गलवानी घाटी में घायल हुए सैनिकों से पीएम मोदी ने की मुलाकात : 3 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जब अस्पताल में था तो पांच बार पॉजिटिव रहा. यह बहुत दर्दनाक था क्योंकि मैं देखता था कि मेरे बाद आने वाले लोग मुझसे पहले अस्पताल से जा रहे थे. लेकिन मैं डाक्टरों और नर्सों का शुक्रिया करूंगा जिन्होंने मुझे ठीक किया.’’ वह जब कैंसर के उपचार के लिये रेडिएशन थेरेपी के लिये दिल्ली आये थे, उनकी परेशानियां तभी से शुरू हो गयी थी. क्योंकि यहां पहुंचते ही उन्हें पीलिया हो गया था और रेडिएशन थेरेपी के सत्र को रद्द करना पड़ा.

कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन की वजह से हवाई यात्रा बंद थी और उन्हें मणिपुर तक 2400 किलोमीटर की यात्रा गाड़ी से करनी पड़ी. इम्फाल पहुंचते ही वह कोविड-19 पॉजिटिव आ गये और पहले ही कैंसर से जूझ रहे डिंको के सामने एक और स्वास्थ्य संबंधित चुनौती आ गयी. लेकिन 41 साल के इस पूर्व मुक्केबाज ने लड़ाई जारी रखी और जीत हासिल की.

बैंकाक में 1998 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले बैंथमवेट मुक्केबाज ने कहा, ‘‘यह इतना आसान नहीं था लेकिन मैंने खुद से कहा, लड़ना है तो लड़ना है. मैं हारने के लिये तैयार नहीं था, किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए. अब मेरा पीलिया भी नियंत्रित है और मैं जल्द ही अपनी रेडिएशन थेरेपी जारी कर पाऊंगा.’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2020 05:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).