नयी दिल्ली, 19 अगस्त केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम में हवाई अड्डों को पट्टे पर देने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी।
फरवरी 2019 में प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद पीपीपी मॉडल के माध्यम से अडानी एंटरप्राइजेज ने छह हवाई अड्डों ‘लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी’ के परिचालन के अधिकार हासिल किये थे।
ये छह हवाई अड्डे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के स्वामित्व में हैं। अडानी एंटरप्राइजेज ने 14 फरवरी 2020 को एएआई के साथ तीन हवाई अड्डों ‘अहमदाबाद, मंगलुरु और लखनऊ’ के लिये समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। मंत्रिमंडल ने इन तीन हवाई अड्डों को अडाणी को पट्टे पर देने के प्रस्ताव को जुलाई 2019 में मंजूरी दी थी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मंत्रिमंडल ने पीपीपी मॉडल के माध्यम से जयपुर, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डों को पट्टे पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
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कोविड-19 के कारण एएआई ने इस साल जून में अडाणी को इन तीन हवाई अड्डों अहमदाबाद, मंगलुरु और लखनऊ’ का प्रबंधन संभालने के लिये तीन और महीने दिए। इसका मतलब है कि उसे इनका प्रबंध सभालने के लिए 12 नवंबर तक का समय है।
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा था कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष कुछ और हवाई अड्डों के निजीकरण का एक प्रस्ताव रखेगा।
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