देश की खबरें | हाथरस घटना के खिलाफ दलित संगठनों का बंद का आह्वान, पंजाब के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़ , 10 अक्टूबर हाथरस घटना के खिलाफ दलित संगठनों के पंजाब बंद के आह्वान के तहत शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में बाजार एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहे और जनजीवन प्रभावित हुआ।

कई दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पीड़िता के परिवार के लिये न्याय की मांग करते हुए सड़कें अवरूद्ध कर दिया और प्रदर्शन किये। कानून व्यवस्था कायम रखने के लिये कई संवेदेनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात किये गये थे।

यह भी पढ़े | Kashmir: पुलवामा के डडूरा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, 2 आतंकी ढेर- सर्च ऑपरेशन जारी.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय एक दलित लड़की से 14 सितंबर को चार लोगों ने कथित तौर पर बलात्कार किया था। चोटों के चलते पखवाड़े भर बाद दिल्ली के एक अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई, जिसके बाद 30 सितंबर को हाथरस में स्थानीय प्रशासन ने उसके शव का रातों-रात दाह संस्कार कर दिया।

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि परिवार की सहमति के बगैर पुलिस ने रात में शव का दाह-संस्कार किया।

यह भी पढ़े | Pune: महाराष्ट्र के पुणे में मानवता शर्मसार, 9 वर्षीय बेटी के साथ छेड़छाड़ के आरोप में पिता गिरफ्तार.

पंजाब बंद का आह्वान भारतीय वाल्मीकि धरम समाज, आंबेडकर सेना मूल निवासी, वाल्मीकि आदि धरम समाज, ऑल इंडिया रंगरेटा दल, भगवान वाल्मीकि एक्शन कमेटी और भीम सेना सहित दलित संगठनों ने किया था।

बंद का सर्वाधिक असर जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला, फगवाड़ा सहित अन्य स्थानों पर देखने को मिला, जहां दुकानें, बाजार और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहें।

पुलिस ने बताया कि बंद के आह्वान पर फगवाड़ा में कई सड़कें अवरूद्ध कर दी गई, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई।

प्रदर्शनकारियों ने कई बाजारों में विरोध मार्च भी निकाला। उन्होंने तख्तियां ले रखी थी और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

उन्होंने दोषियों को फांसी देने की भी मांग की।

ऑल इंडिया रंगरेटा दल के प्रमुख जोगिन्दर सिंह मान और आंबेडकर सेना पंजाब के प्रमुख हरभजन सुमन ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।

दलित संगठनों ने अपनी मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की धमकी दी।

होशियारपुर में भी दुकानें बंद रहीं।

होशियारपुर के पुलिस अधीक्षक (जांच) रविंदर पाल सिंह संधू ने कहा कि जिले के किसी भी हिस्से से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

उन्होंने कहा कि बंद शांतिपूर्ण रहा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)