नयी दिल्ली, तीन सितंबर भारत का परिधान निर्यात चालू वित्त वर्ष के दौरान 40 प्रतिशत बढ़कर 22 अरब डॉलर पर पहुंच जाने की उम्मीद है। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) ने बृहस्पतिवार को यह अनुमान जाहिर किया।
एईपीसी के चेयरमैन ए शक्तिवेल ने कहा, ‘‘हम चिकित्सा परिधानों पर विशेष ध्यान देते हुए चालू वित्त वर्ष के दौरान परिधान निर्यात में 40 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इससे परिधान निर्यात पिछले वित्त वर्ष के 15.4 अरब डॉलर से बढ़कर 2020-21 में करीब 22 अरब डॉलर पर पहुंच जायेगा।’’
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उन्होंने एईपीसी की 41वीं सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका
के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारत के निर्यात को बढ़ावा देगा।
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उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ एफटीए तथा ऑस्ट्रेलिया व कनाडा के साथ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता तीन साल में परिधान निर्यात को दोगुना करने में मदद करेगा।’’
शक्तिवेल ने कहा कि क्षेत्र की वृद्धि को तेज करने के लिये शीघ्रता से मानव निर्मित धागे (एमएमएफ) के क्षेत्र में कदम रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों को भारतीय निर्यात बढ़ाने के लिये एमएमएफ मुख्य है। इसके लिये विभिन्न फाइबर बेस, प्रौद्योगिकियों, प्रसंस्करण और नमूना विकास के लिये गहन शोध एवं विकास की आवश्यकता है। यह (शोध एवं विकास) सुनिश्चित करने के लिये परिषद गुरुग्राम में अपने मुख्यालय में एक समर्पित केंद्र स्थापित कर रहा है।’’
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