देवघर, 12 सितंबर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को देवघर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का निरीक्षण करने के बाद घोषणा की कि नवंबर के पहले सप्ताह से यहां से कुछ हवाई उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
हवाईअड्डे के काम की समीक्षा करने यहां पहुंचे पुरी ने कहा कि पूर्व निर्धारित योजना के अनुरूप देवघर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की हवाई पट्टी का काम पूरा हो गया है। नवंबर के प्रथम सप्ताह में यहां से कुछ हवाई उड़ानें शुरू कर दी जाएंगी।
उनके साथ स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे, नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह भी थे।
पुरी ने कहा कि यहां काफी हद तक काम पूरा हो गया है। रनवे का काम पूरा हो चुका है, वहीं टर्मिनल का काम तेजी से चल रहा है जिसके दिसंबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभ में कुछ जगहों के लिए यह हवाई सेवा शुरू होगी जिसका विस्तार अगले साल किया जाएगा। हर काम के लिए समयसीमा तय की गई जिसका अनुपालन किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर दिल्ली में मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर हवाई सेवा शुरू करने के लिए जो भी आवश्यक कदम हैं, उनकी मंजूरी दे दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सोमवार को वह हवाई सेवा से जुड़ी कंपनियों के साथ बैठक करेंगे और उसके बाद यह तय होगा कि फिलहाल कहां-कहां के लिए किन कंपनियों की हवाई सेवा देवघर से शुरू होगी।
पुरी ने कहा कि देवघर एक महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि यह तीर्थ स्थल होने के साथ पर्यटक स्थल भी है जहां करोड़ों की संख्या में लोग प्रति वर्ष बाहर से आते हैं। हवाई सेवा से जुड़ जाने पर इस क्षेत्र का और अधिक विकास होगा।
उन्होंने कहा कि देवघर में जिस स्तर का हवाईअड्डा बन रहा है, उसके लिए एक एयरो सिटी की जरूरत पड़ेगी।
पुरी ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में लोग सस्ती दर पर हवाई सेवा का लाभ उठा सकेंगे। देश में घरेलू विमान सेवा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही चित्रकूट, सोनभद्र व अयोध्या से हवाई सेवा शुरू की जाएगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उनकी बैठक हो चुकी है।
पुरी ने हवाईअड्डे का निरीक्षण कर हवाईअड्डा परिसर में पौधारोपण भी किया। साथ ही निरीक्षण के क्रम में उन्होंने टर्मिनल भवन, एटीसी टावर, फायर स्टेशन, पॉवर स्टेशन, एयरपोर्ट स्टेशन की चारदीवारी के पूर्ण हो चुके कार्यों का भी जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि हवाईअड्डे के आस-पास रोजगार व व्यवसाय को बढ़ाने के उद्देश्य से हवाई अड्डा परिसर के पास राज्य सरकार और हवाईअड्डा प्राधिकरण के संयुक्त उपक्रम से एयरोसिटी बनाने का कार्य किया जायेगा। इसको लेकर पूर्व में प्रस्ताव एयरोसिटी को लेकर बनाया गया था जिसको लेकर हवाईअड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है।
देवघर हवाईअड्डा 657 एकड़ भूमि में फैला होगा और इसका टर्मिनल भवन 5,130 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जा रहा है। यहां 2,500 मीटर लंबे रनवे के साथ हवाईअड्डे पर एयरबस 320 आदि विमानों के परिचालन के लिए बिलकुल उपयुक्त रहेगा। टर्मिनल बिल्डिंग में छह चेक-इन काउंटर होंगे, एक आगमन बिन्दु और भीड़भाड़ की स्थिति में 200 यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी।
हवाइअड्डे का डिजाइन पर्यावरण के अनुकूल और अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस होगा। टर्मिनल बिल्डिंग का डिजाइन बाबा बैद्यनाथ मंदिर के शिखर से प्रेरित होगा। हवाईअड्डे के अंदर स्थानीय आदिवासी कला, हस्तशिल्प और स्थानीय पर्यटन स्थलों की तस्वीरें दिखाई जाएंगी, जो इस क्षेत्र की संस्कृति को दर्शाती हैं।
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