Paris Olympics 2024: ओलंपिक का सपना पूरा करने 6000 किमी की कठिन यात्रा करके पहुंचा अफगान जूडो खिलाड़ी
ओलंपिक खेलने पहुंचे लगभग सभी खिलाड़ियों को तैयारियों के लिये पूरी सुविधायें दी जाती है लेकिन जब खिलाड़ी युद्ध से जर्जर अफगानिस्तान जैसे देश से हो तो उसे खेलों के इस महासमर में भाग लेने का अपना सपना पूरा करने के लिये छह हजार किलोमीटर और पांच देशों की यात्रा भी करनी पड़ सकती है.
Paris Olympics 2024: ओलंपिक खेलने पहुंचे लगभग सभी खिलाड़ियों को तैयारियों के लिये पूरी सुविधायें दी जाती है लेकिन जब खिलाड़ी युद्ध से जर्जर अफगानिस्तान जैसे देश से हो तो उसे खेलों के इस महासमर में भाग लेने का अपना सपना पूरा करने के लिये छह हजार किलोमीटर और पांच देशों की यात्रा भी करनी पड़ सकती है. अफगानिस्तान के जूडो खिलाड़ी सिबगातुल्लाह अरब 2021 में तालिबान के कब्जे वाले अफगानिस्तान से भाग निकले. इसके बाद पांच देशों में शरण ली और आखिर में 6000 किलोमीटर का सफर तय करके जर्मनी पहुंचे.
वह अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की शरणार्थी टीम का हिस्सा हैं और पेरिस ओलंपिक में पुरूषों की जूडो स्पर्धा के 81 किलोवर्ग में उतरेंगे.अफगानिस्तान में टीवी पर जूडो की विश्व चैम्पियनशिप देखकर उन्हें इस खेल से मुहब्बत हो गई लेकिन उनके शौक को परवान चढाने का कोई जरिया नहीं था. तालिबान के कब्जे के बाद वह यूरोप भाग गए जिस समय उनकी उम्र सिर्फ 19 साल थी. उन्होंने कहा ,‘‘ जब मैने अफगानिस्तान छोड़ा तो पता नहनीं था कि बचूंगा या नहीं. इतनी दिक्कतें झेली है.’’ यह भी पढ़ें: IND vs SL 3rd T20I 2024 Dream11 Team Prediction: टीम इंडिया के खिलाफ तीसरे टी20 में लाज बचाने उतरेगा श्रीलंका, यहां जानें कैसे चुने बेस्ट फैंटेसी प्लेइंग इलेवन
यहां देखें पोस्ट:
A 6000km Journey To Olympics: Afghan Judoka Sibghatullah Arab Traverses 5 Countries Before Realising Paris Dream#SibghatullahArab #IndiaAtParisOlympics2024 #Olympics https://t.co/vgz8nkcsUz
— Free Press Journal (@fpjindia) July 29, 2024
नौ महीने में उन्होंने ईरान, तुर्किये, यूनान, बोस्निया और स्लोवेनिया की यात्रा की और आखिर में जर्मनी में बस गए. उन्होंने कहा ,‘‘ रास्ते में मेरी तबीयत बहुत बिगड़ गई थी और मैं तनाव में भी था.’’मोंशेंग्लाबाख में एक जूडो क्लब से जुड़े इस खिलाड़ी ने मैड्रिड में 2023 यूरोपीय ओपन में सातवां स्थान हासिल किया. उन्होंने कहा ,‘‘ मेरे माता पिता अभी भी अफगानिस्तान में हैं और मुझसे रोज बात होती है, वे मुझे अच्छे प्रदर्शन के लिये प्रेरित करते हैं .’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2024 03:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

