नयी दिल्ली, 12 अगस्त दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हनी बाबू की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन करते हुए निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने को लेकर पुलिस ने यहां वाम पंथी छात्र संगठन आइसा और अन्य संगठनों के सदस्यों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
हनी बाबू को भीमा कोरेगांव एल्गार परिषद मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने कहा कि उसके सदस्य अभिज्ञान और कुछ अन्य संगठनों तथा भगत सिंह एकता मंच के छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि अभिज्ञान (20), सुशील (30), सलमान (20), संगीता (26), राजबीर कौर (25) और नवदीप कौर (24) के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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छात्र संगठन ने कहा, ‘‘छात्रों पर मनगढ़ंत आरोप लगाने के साथ गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सरकार ने इस महामारी को असहमति की आवाज दबाने के अवसर में तब्दील करने की कोई कसर नहीं छोड़ी है। ’’
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘बुधवार को, आइसा, भगत सिंह एकता मंच और अन्य संगठनों के 10-12 सदस्यों ने एनआईए द्वारा प्रो. हनी बाबू की गिरफ्तारी के विरोध में डीयू की आर्ट्स फैकल्टी के पीछे प्रदर्शन शुरू कर दिया। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘इन लोगों यह समझाने की कोशिश की गई कि कोविड-19 महामारी और इसके दिशानिर्देशों के मद्देनजर एकत्र होने की इजाजत नहीं है और सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। लेकिन उन्होंने प्रदर्शन जारी रखा।’’
उन्होंने कहा कि इन लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है।
उल्लेखनीय है कि एनआईए ने डीयू के अंग्रेजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर हनी बाबू (54) पर नक्सल गतिविधियों और माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
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