युवाओं ने बाडेन-वुर्टेमबर्ग में ग्रीन नेता ओजडेमिर को जिताया
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

बाडेन-वुर्टेमबर्ग के चुनाव में चेम ओजडेमिर के नेतृत्व में ग्रीन पार्टी जीत गई है और चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की कंजर्वेटिव सीडीयू को बेहद करीबी मुकाबले में पिछाड़ा है. तुर्की मूल के पहले जर्मन मुख्यमंत्री होंगे ओजडेमिर.राज्य सांख्यिकी कार्यालय की वेबसाइट पर सोमवार तड़के जारी आंकड़ों के मुताबिक जर्मनी की ग्रीन पार्टी ने 30.2 फीसदी वोट हासिल किए, जबकि सीडीयू को 29.7 फीसदी वोट मिले. यानी बेहद करीबी चुनावी मुकाबले में ग्रीन्स को बढ़त मिली. इस साल जर्मनी में होने वाले पांच बड़े क्षेत्रीय चुनावों में यह पहला चुनाव था, जिसमें चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की सेंटर-राइट पार्टी सीडीयू को अप्रत्याशित झटका लगा. इस समय ग्रीन पार्टी राज्य की राजधानी श्टुटगार्ट में सीडीयू के साथ मिलकर गठबंधन सरकार चला रही है.

अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि ग्रीन्स और सीडीयू फिर से गठबंधन बनाएंगे. ग्रीन पार्टी के शीर्ष उम्मीदवार चेम ओजडेमिर तुर्की मूल के पहले जर्मन राज्य प्रमुख बनने की ओर बढ़ रहे हैं. प्रारंभिक नतीजों के मुताबिक दक्षिणपंथी एएफडी लगभग 18.8 फीसदी वोट के साथ तीसरे स्थान पर रही. पूरे पश्चिमी जर्मनी में एएफडी का यह अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा. चौथे स्थान पर रही एसपीडी, जो राष्ट्रीय स्तर पर सत्तारूढ़ गठबंधन की मैर्त्स सरकार में जूनियर पार्टनर है. उसे केवल 5.5 फीसदी वोट मिले, जो किसी जर्मन राज्य चुनाव में उसका अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है.

मतदान प्रतिशत 69.6 फीसदी रहा. यह बाडेन-वुर्टेमबर्ग में मतदान आयु 16 वर्ष किए जाने के बाद पहला चुनाव था. यानी इन नतीजों में 16 से 18 साल के टीनएज वोटरों का मत भी शामिल रहा.

ओजडेमिर का राजनीतिक सफर

ग्रीन पार्टी के चेम ओजडेमिर ने रविवार को हुए राज्य चुनाव में बहुत करीबी प्रतिस्पर्धा में जीत हासिल की और अब वे तुर्की मूल के पहले जर्मन राज्य प्रमुख बनने जा रहे हैं. 60 साल के ओजडेमिर कई दशकों से जर्मन राजनीति में एक जाना माना चेहरा रहे हैं. वह तुर्की मूल के हैं लेकिन जर्मन राज्य बाडेन-वुर्टेमबर्ग में जन्मे और बड़े हुए.

युवा सांसदों ने मचा दी है जर्मनी की राजनीति में हलचल

यह उपलब्धि उनके लंबे राजनीतिक करियर की एक बड़ी सीढ़ी है. 1994 में वह जर्मन संसद के निचले सदन बुंडेसटाग के सदस्य बने. बाडेन-वुर्टेमबर्ग में उनकी लोकप्रियता का फायदा उनकी ग्रीन पार्टी को पहुंचा.

उनके माता पिता 1960 में तुर्की से जर्मनी काम के लिए आए थे. ओजडेमिर का जन्म दिसंबर 1965 में श्टुटगार्ट से लगभग 50 किलोमीटर दूर एक छोटे से शहर बाड उराख में हुआ था. उनके माता-पिता "गास्टआर्बाइटर" यानी अतिथि श्रमिकों की उस पीढ़ी का हिस्सा थे, जो तुर्की सहित विभिन्न देशों से जर्मनी में काम करने आए थे.

रूस से भागकर जर्मनी पहुंचे युवा राजनीति में हुए सक्रिय

स्कूल के शुरुआती संघर्षों के बाद उन्हें ऐसे शिक्षकों का साथ मिला जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. बाद में उन्होंने खुद भी प्री स्कूल टीचर के रूप में ट्रेनिंग ली. 18 साल के होने पर उन्होंने जर्मन नागरिकता ले ली. सन 2004 से 2009 तक वह ब्रसेल्स स्थित यूरोपीय संसद के सदस्य भी रहे. 2008 से 2018 के बीच वे संघीय स्तर पर ग्रीन पार्टी के सह-अध्यक्ष भी रहे और बाद में एसपीडी चांसलर ओलाफ शॉल्त्स की सरकार में कृषि मंत्री बने.

बाडेन-वुर्टेमबर्ग के चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने अपनी विदेश नीति विशेषज्ञता पर जोर दिया. उनका कहना था कि उनका अनुभव और वैश्विक संपर्क इस क्षेत्र को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की व्यापारिक नीतियों से निपटने में मदद कर सकता है. यह इलाका पोर्शे और मर्सिडीज-बेंज जैसे ऑटो उद्योग दिग्गजों का गढ़ है.

जर्मनी में आर्थिक दबाव के बीच राजनीतिक ध्रुवीकरण गहराया

एर्दोआन की आलोचना करने वाले नेता

15 साल से राज्य के मुख्यमंत्री रहे ग्रीन पार्टी के ही नेता विन्फ्रेड क्रेचमान इस बार उम्मीदवार नहीं बने. उनकी ही तरह ओजडेमिर भी ग्रीन पार्टी के व्यावहारिक मध्यमार्गी धड़े से आते हैं, जो कट्टर धड़े से कइई मुद्दों पर थोड़ा अलग माना जाता है. वह केंद्र सरकार में शामिल ग्रीन पार्टी के कुछ मुद्दों पर दूरी बनाते रहे हैं. मिसाल के तौर पर वे कंबस्चन इंजन वाहनों से दूसरे ईकोफ्रेंडली विकल्पों की तरफ बढ़ने का समर्थन तो करते हैं लेकिन इस लक्ष्य को थोड़े लचीले तरीके से लागू करने की वकालत भी कर चुके हैं. उन्होंने पार्टी के कुछ यूरोपीय सांसदों की भी आलोचना की, जिन्होंने ईयू-मर्कोसुर मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ वोट दिया था.

आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं जर्मनी के कई शहर और नगर पालिकाएं

ओजडेमिर तुर्की राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन के मुखर आलोचक भी रहे हैं. 2023 के तुर्की चुनावों के बाद उन्होंने जर्मनी में एर्दोआन को वोट देने वाले तुर्की मूल के नागरिकों की आलोचना की थी. ओजडेमिर की पहली शादी अर्जेंटीनी मूल की पत्रकार पिया मारिया कास्त्रो से हुई थी, जिनसे उनके दो बच्चे हैं. 2023 में दोनों ने अलग होने की घोषणा की. इसी चुनावी अभियान के दौरान, वैलेंटाइंस डे पर उन्होंने कनाडाई वकील फ्लाविया जाका से दूसरी शादी रचाई है.