दक्षिण चीन सागर पर ड्रैगन की दादागिरी से भड़के ट्रंप, कड़ी कार्रवाई की दी चेतावनी
पहले शुल्क विवाद और अब दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर अमेरिका-चीन के बीच तनाव बढता चला जा रहा है. अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में बढ़ रहे सैन्यीकरण के लिए चीन को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
वाशिंगटन: पहले शुल्क विवाद और अब दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर अमेरिका-चीन के बीच तनाव बढता चला जा रहा है. अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में बढ़ रहे सैन्यीकरण के लिए चीन को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने दक्षिण चीन सागर में एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल को तैनात किया है. इसके अलावा अमेरिकी खुफिया एजेंसी का आकलन है कि चीन ने इस विवादित जलक्षेत्र में सैन्याभ्यास के दौरान जहाज और विमान रोध मिसाइलें भी तैनात की है.
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने बताया कि नन्शा और इसके आस पास के द्वीप पर चीन का अधिकार है. उन्होंने कहा, "दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियां, हमारी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कायम रखना हमारा अधिकार है."
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा, "हम चीन के दक्षिण चीन सागर के सैन्यीकरण से वाकिफ हैं. उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे."
दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे विवादित क्षेत्रों में से एक है. इस पर चीन, जापान, फिलीपींस, वियतनाम और ताईवान सहित कई देश अपना दावा करते हैं.
अमेरिका द्वारा सैटलाइट से ली गईं तस्वीरों से इस बात का पता चला था कि चीन , तेजी से दक्षिण चीन सागर में पैरासेल द्वीपों पर अपनी वायुसेना और नौसेना के लिए बेस तैयार कर रहा है. बताया जाता है कि इस क्षेत्र में 10 हजार फुट में हवाईपट्टी बनी हुई है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 04, 2018 01:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

