दुनिया के सामने बेनकाब हुआ चीन और पाकिस्तान, धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाले देशों की लिस्ट में नाम हुआ शामिल
अमेरिका ने सोमवार को धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedom) के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) को अपनी "विशेष रूप से चिंता का विषय" (सीपीसी) सूची में शामिल किया है.
वॉशिंगटन: अमेरिका ने सोमवार को धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedom) के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) को अपनी "विशेष रूप से चिंता का विषय" (सीपीसी) सूची में शामिल किया है. उत्पीड़न और भेदभाव रोकने में विफल होने के कारण अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा सीपीसी में नामित 10 देशों में पाकिस्तान और चीन भी हैं. अमेरिका ने चीन के 14 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ लगाया प्रतिबंध, तिब्बती भी शामिल
एक आधिकारिक बयान में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) ने बताया कि धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के आरोप में बर्मा (Burma), चीन (China), इरिट्रिया (Eritrea), ईरान (Iran), नाइजीरिया (Nigeria), डीपीआरके (DPRK), सऊदी अरब (Saudi Arabia), पाकिस्तान (Pakistan), ताजिकिस्तान (Tajikistan) और तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan) को अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 1998 के तहत सीपीसी के रूप में नामित किया गया है.
US designates Burma (Myanmar), China, Eritrea, Iran, Nigeria, DPRK, Pakistan, Saudi Arabia, Tajikistan, Turkmenistan as Countries of Particular Concern under International Religious Freedom Act for “systematic, ongoing, egregious violations of religious freedom”: US Secy of State pic.twitter.com/BTTaMyOI6z
— ANI (@ANI) December 8, 2020
माइक पोम्पिओ ने कहा, ‘‘धार्मिक स्वतंत्रता एक अहस्तांतरणीय अधिकार है और मुक्त समाजों का आधार है जिन पर वे फलते-फूलते हैं. आज अमेरिका ने एक बार फिर उन लोगों की रक्षा के लिए कदम उठाया है जो यह आजादी चाहते हैं.’’ अमेरिका ने अल शबाब, अल कायदा, बोको हराम, हयात तहरीर अल शम, हूथी, आईएसआईएस, आईएसआईएस-ग्रेटर सहारा, आईएसआईएस- वेस्ट अफ्रीका, जमात नासर अल इस्लावल मुस्लिमिन और तालिबान को ‘‘विशेष चिंता का विषय बने संगठन ’’ बताया.
पोम्पिओ ने कहा कि सूडान और उज्बेकिस्तान की सरकारों द्वारा पिछले एक वर्ष के दौरान की गई उल्लेखनीय एवं ठोस प्रगति के चलते उन्हें विशेष निगरानी सूची से हटा दिया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘कानून संबंधी साहसी सुधारों के चलते ये देश अन्य राष्ट्रों के लिए आदर्श हैं.’’
रक्षा मंत्री ने कहा कि अभी यह काम पूरा नहीं हुआ है और अमेरिका दुनियाभर में धर्म के नाम पर होने वाले दुर्व्यवहार एवं उत्पीड़न को खत्म करने के लिए अथक काम करता रहेगा.
अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता संबंधी अमेरिकी आयोग ने विदेश विभाग द्वारा दस राष्ट्रों को विशेष चिंता का विषय बने देशों (कंट्रीज ऑफ पर्टीक्यूलर कंसर्न या सीपीसी) की सूची में डालने के कदम की सराहना की है. हालांकि विदेश विभाग ने आयोग द्वारा भारत, रूस, सीरिया और वियतनाम को भी सीपीसी सूची में डालने की अनुशंसा स्वीकार नहीं की.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 08, 2020 09:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

