UAE Golden Visa Fact-Check: क्या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सच में कुछ देशों के लोगों को जीवन भर के लिए गोल्डन वीज़ा दे रहा है? हाल ही में इस तरह की खबरें काफी चर्चा में रही हैं, खासकर भारत में, जहाँ यह कहा गया कि लगभग 23 लाख रुपये देकर लाइफटाइम वीज़ा मिल सकता है.
इस कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए यूएई सरकार ने खुद एक बयान जारी किया है. आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है, क्या सच है और क्या अफवाह.
सरकार ने किया 'लाइफटाइम वीज़ा' की अफवाहों का खंडन
सबसे पहले और सबसे ज़रूरी बात यह है कि यूएई की फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी, सिटिजनशिप, कस्टम्स एंड पोर्ट सिक्योरिटी (ICP) ने साफ तौर पर उन सभी खबरों को गलत बताया है, जिनमें कहा जा रहा है कि यूएई कुछ देशों के नागरिकों को 'लाइफटाइम' गोल्डन वीज़ा दे रहा है.
अधिकारियों ने कहा है कि गोल्डन वीज़ा किसे मिल सकता है और उसकी शर्तें क्या हैं, यह सब कानून के तहत पहले से तय है. यह सारी जानकारी उनकी आधिकारिक वेबसाइट और स्मार्ट एप्लीकेशन पर उपलब्ध है.
धोखाधड़ी से सावधान रहने की चेतावनी
सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि गोल्डन वीज़ा के लिए आवेदन सिर्फ और सिर्फ यूएई के आधिकारिक सरकारी चैनलों के माध्यम से ही किया जा सकता है. इसका मतलब है कि कोई भी बाहरी कंसल्टेंसी या कंपनी वीज़ा दिलाने के लिए अधिकृत नहीं है.
दरअसल, किसी दूसरे देश में स्थित एक कंसल्टेंसी ऑफिस ने यह खबर फैलाई थी कि कुछ आसान शर्तों पर देश के बाहर से ही लाइफटाइम गोल्डन वीज़ा पाया जा सकता है. यूएई सरकार ने इसे गैर-कानूनी और बेबुनियाद बताया है. सरकार ने चेतावनी दी है कि जो भी संस्थाएं इस तरह की झूठी खबरें फैलाकर लोगों से पैसे ठगने की कोशिश कर रही हैं, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
लोगों को सलाह दी गई है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी अनजान पार्टी को वीज़ा के लिए पैसे या अपने निजी दस्तावेज़ न दें.
तो फिर ₹23 लाख वाले वीज़ा का क्या सच है?
अब सवाल उठता है कि जिस नए वीज़ा की बात हो रही थी, वह क्या है? खबरों के मुताबिक, यूएई ने एक नए तरह का 'नॉमिनेशन-आधारित' गोल्डन वीज़ा शुरू किया है. यह उन लोगों के लिए है जो अपने प्रोफेशन में माहिर हैं, जैसे कि डॉक्टर, वैज्ञानिक, कलाकार, टीचर, आदि.
- पुरानी प्रक्रिया: अब तक भारतीयों के लिए गोल्डन वीज़ा पाने का मुख्य तरीका यह था कि वे यूएई में कम से कम 4.66 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदें या व्यापार में बड़ा निवेश करें.
- नई रिपोर्ट: नई खबरों के अनुसार, अब 'नॉमिनेशन-आधारित' वीज़ा के तहत चुने हुए भारतीय पेशेवर लगभग 23.30 लाख रुपये (AED 100,000) का शुल्क देकर वीज़ा पा सकते हैं. इसे कुछ मीडिया रिपोर्टों में 'लाइफटाइम' कहा गया क्योंकि यह किसी प्रॉपर्टी से नहीं जुड़ा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर गोल्डन वीज़ा 5 या 10 साल के लिए होता है, जिसे रिन्यू कराया जा सकता है.
क्या करें और क्या न करें
कुल मिलाकर, यूएई सरकार का मुख्य संदेश सावधानी और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने का है.
- अफवाहों से बचें: 'लाइफटाइम वीज़ा' जैसी बातों पर यकीन न करें. यूएई सरकार ने इसे आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है.
- एजेंटों से सावधान: किसी भी कंसल्टेंसी या एजेंट को वीज़ा के लिए पैसा देने से पहले सौ बार सोचें. सरकार ने साफ कहा है कि कोई भी बाहरी एजेंसी इसके लिए अधिकृत नहीं है.
- आधिकारिक जानकारी ही मानें: अगर आप यूएई में रहने, काम करने या निवेश करने में रुचि रखते हैं, तो केवल आधिकारिक चैनलों से ही जानकारी लें.
आप यूएई की फेडरल अथॉरिटी (ICP) की आधिकारिक वेबसाइट (icp.gov.ae) पर जाकर सही जानकारी देख सकते हैं या उनके कॉल सेंटर (600522222) पर संपर्क कर सकते हैं.













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