मालदीव में महिलाओं और बच्चों को अलग-थलग रखने वाले तीन संदिग्ध धार्मिक कट्टरपंथी गिरफ्तार
मालदीव की पुलिस ने महिलाओं और बच्चों को अलग-थलग करके रखने वाले एक धार्मिक समूह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिंसक कट्टपंथ फैलाने के संदेह में गिरफ्तार किया है. गंभीर एवं संगठित अपराध मामलों के पुलिस प्रभारी मोहम्मद बशीर ने टेलीविजन पर प्रसारित एक साक्षात्कार में बताया कि यह कार्रवाई बुधवार को राजधानी के पूर्वोत्तर द्वीप पर की गई.
मालदीव (Maldives) की पुलिस ने महिलाओं और बच्चों को अलग-थलग करके रखने वाले एक धार्मिक समूह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिंसक कट्टपंथ फैलाने के संदेह में गिरफ्तार किया है. गंभीर एवं संगठित अपराध मामलों के पुलिस प्रभारी मोहम्मद बशीर (Muhammad Basheer) ने टेलीविजन पर प्रसारित एक साक्षात्कार में बताया कि यह कार्रवाई बुधवार को राजधानी के पूर्वोत्तर द्वीप पर की गई. पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि द्वीप में एक छोटा समुदाय है जो महिलाओं और बच्चों को उनके मूलभूत अधिकारों से वंचित रखता है.
पुलिस की ओर से जारी एक बयान के अनुसार यह समूह महिलाओं और बच्चों का बाहरी दुनिया से संपर्क एकदम समाप्त करने का दबाव बनाता है, बच्चों को स्कूल जाने से रोकता है और उनका टीकाकरण नहीं होने देता. साथ ही उन्हें बाल विवाह के लिए मजबूर करता है. बयान के अनुसार समूह कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के साथ ही विदेशी कट्टरपंथी संगठनों के लिए लोगों की भर्ती करता है.
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गौरतलब है कि अपने आलीशान रिजॉर्ट्स के लिए मशहूर मालदीव सुन्नी मुस्लिम बहुल देश है और यहां किसी अन्य धर्म का पालन करना कानूनी प्रतिबंधित है. यहां से सर्वाधिक संख्या में लोग सीरिया गए हैं, जो इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण में है. मालदीव इंडिपेंडेंट न्यूजपेपर की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस का कहना है कि इनमें से कुछ लोग देश वापस लौट आए हैं और यहां कट्टरपंथी विचारधारा फैला रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 20, 2019 11:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

