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Shab-E-Barat 2026 Messages: शब-ए-बारात मुबारक! दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर करें ये हिंदी Shayaris, WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Photo SMS

Shab-E-Barat 2026 Messages: शब-ए-बारात मुबारक! दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर करें ये हिंदी Shayaris, WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Photo SMS
'शब-ए-बारात' मुबारक (Photo Credits: File Image)

Shab-E-Barat 2026 Messages in Hindi: शब-ए-बारात (Shab-E-Barat), जिसे 'मुक्ति की रात' या 'माफी की रात' भी कहा जाता है, मुस्लिम समुदाय के लिए इबादत और आत्मचिंतन का एक पवित्र अवसर है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, यह रात शाबान महीने की 14वीं और 15वीं तारीख के बीच आती है. भारत में इस साल शब-ए-बारात 3 फरवरी 2026, मंगलवार की शाम से लेकर 4 फरवरी 2026, बुधवार की सुबह तक, मनाई जा रही है. इस्लाम धर्म में इस रात को 'लैलतुल-बारात' (Lailatul-Barat) भी कहा जाता है, जिसका काफी महत्व है. मान्यता है कि इस रात अल्लाह (SWT) अपने बंदों की ओर विशेष ध्यान देता है और सच्चे दिल से माफी मांगने वालों के गुनाह माफ कर देता है. ऐसा माना जाता है कि इसी रात आने वाले एक साल के लिए हर व्यक्ति की किस्मत, जीविका (रिज्क), स्वास्थ्य और मृत्यु का फैसला लिया जाता है.

शब-ए-बरात का आना आध्यात्मिक शुद्धि के साथ इस बात का संकेत है कि इस्लाम का सबसे पवित्र महीना 'रमजान' अब बहुत करीब है. लगभग 15 दिनों के बाद चांद दिखने के साथ ही रमजान के रोजे शुरू हो जाएंगे. ऐसे में आप अपने दोस्तों-रिश्तेदारों संग इन हिंगी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस को शेयर करके शब-ए-बारात मुबारक कह सकते हैं.

1- कबूलियत की आप पर बरसात हो...
खुशियों से आप की मुलाकात हो...
कोई अधूरी न रहे दुआ आपकी
ऐसी मुबारक ये शब-ए-बारात हो...
'शब-ए-बारात' मुबारक

'शब-ए-बारात' मुबारक (Photo Credits: File Image)

2- अल्लाह, तूने मुझे यह सुंदर जीवन दिया है,
तूने ही ये मुबारक रात दी है,
तू ही मेरा आने वाला कल संवारेगा,
तेरी राजा में ही मुझे खुशियां मिलेंगी.
'शब-ए-बारात' मुबारक

'शब-ए-बारात' मुबारक (Photo Credits: File Image)

3- आज 'शब-ए-बारात' है खुदा की इबादत कर लेना,
अगर मुझसे कोई गलती हो गई हो तो मुझे माफ कर देना,
आज 'शब-ए-बारात' है खुदा की इबादत कर लेना.
'शब-ए-बारात' मुबारक

'शब-ए-बारात' मुबारक (Photo Credits: File Image)

4- ऐ अल्‍लाह मैं तुझसे मांगता हूं ऐसी माफी,
जिसके बाद कोई गुनाह न हो,
ऐसी सेहत जिसके बाद बीमारी न हो,
ऐसी रजा जिसके बाद कोई नाराजगी न हो.
'शब-ए-बारात' मुबारक

'शब-ए-बारात' मुबारक (Photo Credits: File Image)

5- रहमतों की आई है रात,
नमाजों का रखना साथ,
मनवा लेना रब से हर बात,
दुआ में रखना हमें भी याद.
'शब-ए-बारात' मुबारक

'शब-ए-बारात' मुबारक (Photo Credits: File Image)

शब-ए-बारात की इस रात को मुस्लिम समुदाय के लोग विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाते हैं. इस रात लोग मस्जिदों और घरों में रात भर जागकर 'नफिल' नमाज पढ़ते हैं, कुरान की तिलावत (पाठ) करते हैं और तस्बीह पढ़ते हैं. अपने पूर्वजों और दिवंगत प्रियजनों की कब्रों पर जाकर उनकी रूह की शांति (मगफिरत) के लिए दुआ करना इस रात की एक अहम परंपरा है. गरीबों को खाना खिलाना और जरूरतमंदों की मदद करना बहुत नेक काम माना जाता है. शब-ए-बारात के अगले दिन (15 शाबान को) कई लोग नफिल रोजा भी रखते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 03, 2026 05:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).