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बिना नतीजा खत्म हुई एमएच 370 उड़ान की तलाश, 2014 में गायब हुआ था विमान

मलेशियाई एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच 370, 2014 में रडार से ओझल हो गई थी.

बिना नतीजा खत्म हुई एमएच 370 उड़ान की तलाश, 2014 में गायब हुआ था विमान
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

मलेशियाई एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच 370, 2014 में रडार से ओझल हो गई थी. इसमें 239 लोग सवार थे, और तब से ना विमान का और ना लोगों का कोई सुराग मिल पाया.मलेशियाई एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच 370 की ताजा तलाश जनवरी में खत्म हो गई. यह तलाश बिना किसी नतीजे के समाप्त हुई है. एमएच 370 विमान 2014 में उड़ान भरने के बाद गायब हो गया था और आज भी विमानन जगत का सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है. मलेशिया के परिवहन मंत्रालय ने 8 मार्च को यह जांच खत्म होने की जानकारी दी है.

239 लोगों को ले जा रहा यह बोइंग 777 विमान 8 मार्च, 2014 को रडार की स्क्रीन से अचानक ओझल हो गया था. यह फ्लाइट कुआलालंपुर से बीजिंग जा रही थी. इसके यात्रियों में से दो-तिहाई चीनी नागरिक थे. बाकी यात्रियों में मलेशिया, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के अलावा भारत, अमेरिका, नीदरलैंड और फ्रांस के नागरिक शामिल थे. विमानन इतिहास की सबसे बड़े खोज और पड़ताल अभियानों के बावजूद, ना तो वह विमान मिला और ना ही वे ब्लैक बॉक्स बरामद हुए. जाहिर है, इसके यात्रियों का भी आज तक कोई पता नहीं चला.

दिसंबर 2025 में शुरू हुई इस नई तलाश में लगभग 15,000 वर्ग किलोमीटर का इलाका तलाशा गया. मलेशिया के परिवहन मंत्रालय ने बयान में कहा, "इन कोशिशों में मलबे की सही जगह का कोई सुराग नहीं मिला है." ब्रिटेन और अमेरिका की खोजी कंपनी ओशन इन्फिनिटी ने इस तलाश की कमान संभाली थी. ताजा अभियान 23 जनवरी को पूरा हुआ.

यात्रियों के परिजनों का खुला पत्र

रविवार को इस हादसे की 12वीं बरसी थी. इस मौके पर चीनी यात्रियों के परिवारों ने एक खुला पत्र जारी किया. उन्होंने इस नई तलाश के दौरान उन्हें बहुत कम जानकारी दिए जाने की शिकायत की. परिजनों ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को लिखे एक साझा पत्र में कहा, "हम तलाश की मुश्किलों को समझते हैं. मगर इस साल 15 जनवरी के बाद से, परिवारों को तलाश के बारे में आगे कोई खबर नहीं दी गई है." हालांकि, उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया भी अदा किया. उन्होंने आगे कहा, "पिछले दो महीनों में हमने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, मगर हमें कोई जवाब नहीं मिला."

कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल

विमान का पता लगाने के लिए ओशन इन्फिनिटी ने खास रोबोटिक ड्रोन तैनात किए थे. ये ड्रोन पानी के नीचे 6,000 मीटर की गहराई तक गोता लगाने में सक्षम हैं. यह कंपनी 2018 में भी एक नाकाम तलाश कर चुकी है. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने भी 2017 तक, तीन वर्षों तक कोशिश की थी.

चीनी परिवारों ने अपने पत्र में लिखा कि "12 वर्षों से हमें कोई भी असली भावनात्मक सहारा नहीं मिला है. हम बस इतना चाहते हैं कि हमें सुना जाए और हमारे साथ सम्मान से पेश आया जाए.

यह उम्मीद की जा रही है कि 9 मार्च को हर साल की तरह इस बार भी चीनी विदेश मंत्रालय इन परिवारों से मिलेगा. इसके बाद वे अनवर इब्राहिम के नाम अपना पत्र देने के लिए बीजिंग में मलेशियाई दूतावास जाएंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 08, 2026 10:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).