Petrol-Diesel Price Hike: पाकिस्तान (Pakistan) की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका देते हुए, सरकार ने 7 मार्च 2026 को पेट्रोल (Petrol) और हाई-स्पीड डीजल (High Speed Diesel) की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है. इस रिकॉर्ड वृद्धि के बाद, पेट्रोल की नई कीमत 321.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 335.86 रुपये प्रति लीटर हो गई है. यह वृद्धि मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में आए उछाल के कारण की गई है. यह भी पढ़ें: Petrol Price Today, March 10, 2026: वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल की कीमतें स्थिर, जानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत अन्य शहरों में आज के ताजा रेट
ईंधन संकट और आर्थिक प्रभाव
कीमतों में इस अचानक बढ़ोतरी के साथ ही पूरे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. आधिकारिक घोषणा से पहले ही देश के प्रमुख शहरों, जैसे लाहौर, कराची और इस्लामाबाद में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं, जहाँ लोग घबराहट में अपने वाहनों की टंकियां फुल करवाते दिखे. विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की यह वृद्धि देश में महंगाई की एक नई लहर (Inflationary tsunami) को जन्म दे सकती है. परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य सामग्री और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी बढ़ने की प्रबल संभावना है.
मूल्य वृद्धि के पीछे के कारण
सरकार ने इस कठोर निर्णय के लिए 'मजबूरी' को कारण बताया है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष, विशेष रूप से ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारे, 'हार्मुर जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को प्रभावित किया है. पाकिस्तान अपनी अधिकांश ऊर्जा जरूरतों के लिए सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से तेल आयात करता है, जो इसी मार्ग से आता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 50 से 70 प्रतिशत तक की वृद्धि और आईएमएफ (IMF) की शर्तों ने सरकार के लिए इस मूल्य वृद्धि को अपरिहार्य बना दिया है. यह भी पढ़ें: Pakistan Fuel Crisis: मिडल ईस्ट तनाव के बीच पाकिस्तान में गहराया तेल संकट, स्कूल दो हफ्ते बंद; सरकारी दफ्तर हफ्ते में चार दिन खुलेंगे
सरकार की रणनीति और चेतावनी
बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
- साप्ताहिक समीक्षा: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में अस्थिरता को देखते हुए, पाकिस्तान सरकार ने अब ईंधन की कीमतों की समीक्षा 'साप्ताहिक' (weekly) आधार पर करने का निर्णय लिया है.
- भंडारण और जमाखोरी: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार है, इसलिए किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने जमाखोरी (hoarding) करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
- वैकल्पिक आपूर्ति: पेट्रोलियम मंत्रालय ने जानकारी दी है कि आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए तेल के जहाजों को वैकल्पिक समुद्री मार्गों से लाया जा रहा है ताकि आम जनता को कोई बड़ी समस्या न हो.
सरकार ने दावा किया है कि जैसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति सामान्य होगी, कीमतों में तत्काल कटौती की जाएगी. हालांकि, मौजूदा आर्थिक हालात और बढ़ते कर्ज के बोझ के बीच, आम नागरिकों के लिए यह 'पेट्रोल बम' आर्थिक जीवन को और अधिक कठिन बना रहा है.












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