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Russia-Ukraine: अगर यूक्रेन ढहा तो यूरोप भी नहीं बचेगा- राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की

प्रमुख यूरोपीय शहरों में हजारों प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि अगर उनका देश मौजूदा युद्ध में रूस के हाथों में चला गया, तो यूरोप का पूरा महाद्वीप खत्म हो जाएगा.

Russia-Ukraine: अगर यूक्रेन ढहा तो यूरोप भी नहीं बचेगा- राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Photo Credits: ANI)

कीव, 5 मार्च : प्रमुख यूरोपीय शहरों में हजारों प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि अगर उनका देश मौजूदा युद्ध में रूस के हाथों में चला गया, तो यूरोप का पूरा महाद्वीप खत्म हो जाएगा. यूक्रेन पर चल रहे रूसी सैन्य हमले के विरोध में शुक्रवार की रात वियना, त्बिलिसी, प्राग, फैं्र कफर्ट, विनियस, लियोन और ब्रातिस्लावा में विरोध प्रदर्शन हुए.

जेलेंस्की ने वीडियो जारी कर के कहा कि "चुप मत रहो. सड़कों पर बाहर जाओ. यूक्रेन का समर्थन करें. हमारी स्वतंत्रता का समर्थन करें. यह न केवल रूस के सैनिकों पर जीत होगी, बल्कि यह अंधेरे पर रोशनी की जीत होगी. ये बुराई पर अच्छाई की जीत होगी. यूक्रेन की जमीन पर अब जो हो रहा है, उस पर आजादी की जीत होगी." "चुप मत रहो, यूक्रेन का समर्थन करो. क्योंकि अगर यूक्रेन लड़खड़ाता है, तो यूरोप लड़खड़ा जाएगा. अगर यूक्रेन गिरता है, तो यूरोप गिर जाएगा." "हम जीतेंगे क्योंकि मुझे आप पर विश्वास है. यह लोकतंत्र की बड़ी जीत होगी, हमारे मूल्यों के लिए, स्वतंत्रता की जीत होगी." यह भी पढ़ें : Russia Ukraine War: रूस ने पूर्वी यूक्रेन पर किया ड्रोन अटैक, आइदर बटालियन पोस्ट तबाह, देखें VIDEO

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले शुक्रवार को कीव में अपने कार्यालय से कथित तौर पर एक अन्य वीडियो में राष्ट्रपति ने नाटो नेताओं की यूक्रेन पर नो-फ्लाई जोन स्थापित करने में विफल रहने के लिए निंदा की. "नाटो ने जानबूझकर यूक्रेन के ऊपर आसमान को बंद नहीं करने का फैसला किया है. नाटो देशों ने यह धारणा बनाई है कि यूक्रेन के ऊपर आसमान बंद करने से नाटो के खिलाफ रूस की सीधी आक्रामकता भड़केगी."

नाटो देशों की सभी खुफिया एजेंसियां दुश्मन की योजनाओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं. उन्होंने पुष्टि की है कि रूस आक्रामक रुख जारी रखना चाहता है. बीबीसी ने एक फेसबुक पोस्ट में एरेस्टोविच के हवाले से कहा, "रूसी सेना मजबूत नहीं है. यह सिर्फ बड़ी है." चूंकि 24 फरवरी को रूस का आक्रमण शुरू हुआ था. यूक्रेनी सेना ने मास्को की प्रगति के खिलाफ कड़ा प्रतिरोध जारी रखा है. हालांकि, रूसी सैनिकों ने शुक्रवार को यूरोप के सबसे बड़े जापोराजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर कब्जा कर लिया, जहां पहले दिन में गोलाबारी के कारण आग लग गई थी. बीते दिन, खेरसान के बंदरगाह शहर को भी रूसी सेना ने जब्त कर लिया था. दक्षिण में रूस की सेना ने काला सागर तट के साथ के क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया और बंदरगाह शहर मारियुपोल घिरा हुआ है. देश के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में भी घेराबंदी बनी हुई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 05, 2022 10:57 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).