VIDEO: नेपाल छोड़कर भाग सकते हैं प्रधानमंत्री KP Sharma Oli, हवाई सेवाएं प्रभावित करने में जुटे प्रदर्शनकारी; भारत ने Border पर बढ़ाई निगरानी
Photo- @SumitHansd/X

Nepal Crisis: नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध (Social Media Ban) के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है. गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (PM KP Sharma Oli) ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने देश में समाधान का रास्ता खोलने और संकट को राजनीतिक रूप से सुलझाने के लिए यह फैसला लिया है. लेकिन हालात काबू में आते नहीं दिख रहे हैं. काठमांडू (Kathmandu) से आ रहे वीडियो ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. प्रदर्शनकारियों ने नेपाल की संसद भवन में आग लगा दी. इमारत से उठती भीषण लपटें और काला धुआं पूरे शहर में फैल गया.

उपद्रवियों ने सुप्रीम कोर्ट (Nepal Supreme Court) और अटॉर्नी जनरल के कार्यालय को भी नहीं बख्शा. वहां जमकर तोड़फोड़ और नारेबाजी की.

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प्रदर्शनकारियों ने संसद परिसर में घुसकर आग लगा दी

नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टी मुख्यालय पर हमला

VIP नेताओं की फ्लाइट रोकने की कोशिश

प्रदर्शनकारियों ने हवाई अड्डों को भी निशाना बनाने की योजना बनाई है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों से अपील की जा रही है कि वे पटाखे फोड़ें, लेजर लाइट और ड्रोन का इस्तेमाल करके वीआईपी नेताओं की हवाई निकासी को रोकें. इसके चलते त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (Tribhuvan International Airport) पर उड़ानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

हिमालय एयरलाइंस की एयरबस (Airbus of Himalaya Airlines), जिसका इस्तेमाल पहले प्रधानमंत्री ओली की चीन यात्रा में किया गया था, को भी उतरने की अनुमति नहीं मिल पाई. दिल्ली से आने वाली इंडिगो (Indigo) और एयर इंडिया (Air India) की उड़ानें भी रोक दी गई हैं. अब तक सिर्फ दो विमानों को ही उड़ान भरने की अनुमति मिली है. थाई एयरवेज (Thai Airways) का विमान बैंकॉक और एक चीनी विमान ग्वांगझू के लिए रवाना हुआ है.

भारत-नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट

इस बढ़ते तनाव का असर भारत पर भी दिख रहा है. पश्चिम बंगाल की पानीटंकी सीमा को हाई अलर्ट पर रखा गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बार्डर पर एक पुलिस चौकी स्थापित कर दी गई है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है. हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है. ताकि अशांति भारत तक न फैले.

नेपाल संकट अब सिर्फ राजनीतिक नहीं रहा, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और पड़ोसी भारत के लिए भी चिंता का विषय बन गया है. प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद, यह कहना मुश्किल है कि स्थिति कब थमेगी.