Pravasi Bharatiya Diwas 2026: पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, बोले- ‘भारत और दुनिया के बीच मजबूत सेतु हैं प्रवासी भारतीय’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जनवरी 2026 को 'प्रवासी भारतीय दिवस' के अवसर पर दुनिया भर में बसे भारतीयों को बधाई दी. उन्होंने प्रवासियों को भारत का 'राष्ट्रदूत' बताते हुए वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उनकी भूमिका की सराहना की.
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को 'प्रवासी भारतीय दिवस' (Pravasi Bharatiya Diwas) के अवसर पर विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय (Overseas Indians) को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रवासी भारत और शेष विश्व के बीच एक शक्तिशाली सेतु (Bridge) के रूप में कार्य करना जारी रखे हुए हैं. प्रधानमंत्री ने प्रवासियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल उन समाजों को समृद्ध किया है जहां वे बसे हैं, बल्कि अपनी जड़ों से भी हमेशा जुड़े रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में प्रवासियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने लिखा-'प्रवासी भारतीय दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं. भारतीय प्रवासी दुनिया भर में हमारी संस्कृति को लोकप्रिय बनाने वाले 'राष्ट्रदूत' हैं. हमारी सरकार ने प्रवासियों को भारत के और करीब लाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं.' यह भी पढ़ें: Somnath Swabhiman Parv: ‘सदियों से लोगों की चेतना जगा रही है सोमनाथ की भव्य विरासत’, 11 जनवरी को मंदिर पहुंचेंगे पीएम मोदी
प्रवासी भारतीय दिवस पर पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को दीं शुभकामनाएं
Warm greetings on Pravasi Bharatiya Diwas. The Indian diaspora remains a powerful bridge between India and the world. They have enriched societies wherever they went and, at the same time, stayed connected to their roots. I often say that our diaspora is our Rashtradoots, who…
— Narendra Modi (@narendramodi) January 9, 2026
9 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व
भारत में हर साल 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है. इसी दिन 1915 में महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे. गांधीजी को 'सबसे बड़ा प्रवासी' माना जाता है, जिन्होंने भारत वापस आकर स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया. उनकी वापसी की याद में ही इस दिन को भारत के विकास में प्रवासियों के योगदान को सम्मानित करने के लिए चुना गया.
द्विवार्षिक सम्मेलन का स्वरूप (Biennial Format)
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की शुरुआत 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी.
- नया प्रारूप: साल 2015 से इस आयोजन के प्रारूप में बदलाव किया गया. अब मुख्य 'प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन' हर दो साल में एक बार आयोजित किया जाता है.
- 2026 का आयोजन: चूंकि पिछला बड़ा सम्मेलन (18वां संस्करण) जनवरी 2025 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित किया गया था, इसलिए साल 2026 में कोई बड़ा मुख्य सम्मेलन प्रस्तावित नहीं है. हालांकि, दुनिया भर में भारतीय दूतावासों और मिशनों में स्थानीय स्तर पर विभिन्न थीम-आधारित कार्यक्रमों और वेबिनार के जरिए यह दिन मनाया जा रहा है.
- अगला मुख्य सम्मेलन: 19वां मुख्य प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन अब साल 2027 में आयोजित होने की उम्मीद है.
प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार
इस अवसर पर समय-समय पर 'प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार' भी प्रदान किए जाते हैं. यह किसी अनिवासी भारतीय (NRI) या भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है. यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने विदेश में भारत की छवि को बेहतर बनाने और स्थानीय समुदायों के कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य किया है.
वर्तमान में भारतीय प्रवासी समुदाय की संख्या लगभग 3.5 करोड़ से अधिक है, जो दुनिया का सबसे बड़ा प्रवासी समूह है. पीएम मोदी ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि भारत को 'विकसित भारत @2047' बनाने के लक्ष्य में प्रवासियों की विशेषज्ञता और निवेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 09, 2026 01:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

