जर्मनी में 42 फीसदी लोगों की पेंशन एक हजार यूरो से कम
जर्मनी में करीब 42 फीसदी बुजुर्गों को हर महीने एक हजार यूरो से भी कम पेंशन मिलती है.
जर्मनी में करीब 42 फीसदी बुजुर्गों को हर महीने एक हजार यूरो से भी कम पेंशन मिलती है. ये आंकड़े श्रम मंत्रालय के हैं.जर्मनी में करीब 1.9 करोड़ लोगों का जीवन पेंशन से चलता है. इनमें 42 फीसदी लोगों को हर महीने मिलने वाली पेंशन की रकम 1,000 यूरो से भी कम है. ये आंकड़े संसद में धुर दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर डॉयचलैंड की नेता रेने स्प्रिंगर के पूछे सवाल के जवाब में श्रम मंत्रालय ने दिए हैं. ये आंकड़े 31 दिसंबर, 2024 तक के हैं.जर्मनी में पेंशन फंड का ढांचा चरमरा गया है.
हालत यह है कि देश में रहने वाले 80 लाख से ज्यादा पेंशनधारी न्यूनतम मूल वेतन से भी कम पेंशन पाते हैं. 2024 के आखिर तक न्यूनत मूल वेतन 1,011 यूरो थी. जानकारी सामने आने के बाद स्प्रिंगर ने सरकार की आलोचना की है. उनका कहना है कि पेंशन बढ़ाने की बजाय कल्याणकारी राज्य में बड़ी संख्या में गरीबों के आप्रवासन की वजह से इसे घटाया जा रहा है.
श्रम मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि केवल वैधानिक पेंशन के आधार पर समर्थन मूल आय को निर्धारित नहीं किया जा सकता क्योंकि दूसरे आय और हर घर की अलग परिस्थितियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है.
कैसे तय होती है पेंशन
वैधानिक पेंशन को हर शख्स की अलग स्थिति के आधार पर तय किया जाता है. यह इस बात पर निर्भर है कि किसी आदमी ने अपने कामकाजी जीवन में कितनी कमाई की, उसने पेंशन फंड में कितना योगदान दिया और यह योगदान कितने सालों तक चलता रहा.
हर साल के काम और सार्वजनिक पेंशन फंड में योगदान के आधार पर प्वाइंट मिलते हैं जो औसत आय पर आधारित होता है. हर साल के काम के लिए एक प्वाइंट मिलता है. अगर आमदनी औसत आय से दोगुनी है तो पेंशन के दो प्वाइंट मिलते हैं, जो अधिकतम है. ये प्वाइंट 27 से 57 साल की उम्र तक जोड़े जाते हैं. इसके बाद प्वाइंट की मौजूदा कीमत तय की जाती है जो सालाना निर्धारित होती है.
इसके बाद है एंट्री फैक्टर जो यह तय करता है कि आप तय समय पर रिटायर हुए, उसके पहले या फिर उसके बाद. पूरी पेंशन पाने के लिए जर्मनी में 67 साल की उम्र तक काम करना पड़ता है. तो अगर आपने रिटायरमेंट के समय तक 45 प्वाइंट जमा कर लिए और तय समय पर रिटायर हुए तो आपकी पेंशन होगी 45 प्वाइंटXप्वाइंट की वैल्यूX1. 2024 में प्वाइंट की वैल्यू 36.02 यूरो थी तो इसका मतलब है कि इस स्थिति में आपकी पेंशन 1,620.90 यूरो होगा.
इस पेंशन पर आयकर, स्वास्थ्य बीमा और दीर्घकालीन देखभाल बीमा का प्रीमियम भी देना होता है.
महिलाओं की औसत पेंशन पुरुषों से कम
जर्मन पेंशन इंश्योरेंस फंड के मुताबिक पेंशनधारियों ने पिछले साल औसतन 1,154 यूरो हासिल किया. जो 2023 के 1,102 यूरो से ज्यादा है. पुरुषों को जहां औसतन 1,405 यूरोप था वहीं महिलाओं के लिए यह औसत 955 यूरो था.
जर्मनी में पेंशन का ढांचा चरमरा गया है. लंबे समय तक यहां पेंशन के रूप में लोगों को अच्छी रकम मिलती थी लेकिन अब यह लगातार कम होती जा रही है. उसकी वजह है आबादी का लगभग स्थिर और बुजुर्गों की संख्या बढ़ना. जर्मनी में बीते कई दशकों से बच्चों की पैदाइश घट रही है इसका नतीजा कई समस्याओं के रूप में सामने आ रहा है.
जिस वक्त पेंशन की मौजूदा व्यवस्था देश में लागू हुई थी, हर एक पेंशनधारी को पेंशन देने के लिए छह लोग योगदान देते थे. अब यह संख्या घट कर 1.8 व्यक्ति प्रति पेंशन हो गया है. हालत यह है कि इस व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हर साल सरकार को अलग से इस फंड में एक मोटी रकम डाली पड़ रही है.
महंगाई की समस्या
जर्मनी में कई दशकों तक महंगाई की नीची दर ने भी लोगों को कई मुश्किलों से बचाए रखा. अब हालात बदल गए हैं. खासतौर से कोरोना की महामारी के बाद से जर्मनी में महंगाई की दर काफी ज्यादा बढ़ गई है. यूक्रेन युद्ध ने इसे और मुश्किल बना दिया. अगस्त महीने में जर्मनी में महंगाई की दर 2.1 फीसदी थी. अर्थव्यवस्था से जुड़ी कई मुश्किलें जर्मनी में लोगों का जीवन मुश्किल बना रही हैं.
ऐसे हालत में लोगों के लिए वेतन से गुजारा मुश्किल हो गया है तो फिर पेंशन की क्या बात कही जाए. लोग राशन, ईंधन और इस तरह के खर्चों को संभालने में हलकान हो रहे हैं. यात्रा और दूसरे खर्चों का भी यही हाल है. इन सबका असर लोगों के जीवन पर पड़ रहा है. बहुत से लोग तो रिटायरमेंट के बाद भी छोटे मोटे काम की तलाश कर रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 12, 2025 02:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

