जर्मनी की संघीय सरकार का एक साल पूरा होने के मौके पर हुए एक सर्वे के मुताबिक, ज्यादातर जर्मनों को मौजूदा सरकार का कार्यकाल पूरा होने की उम्मीद नहीं है. चांसलर मैर्त्स की पार्टी का समर्थन घटा है.जर्मनी में आधे से ज्यादा लोगों को यह उम्मीद नहीं है कि मौजूदा गठबंधन सरकार 2029 के चुनावों तक टिकी रह पाएगी. रविवार, 3 मई को प्रकाशित एक ताजा सर्वे में यह राय सामने आई है. टैबलॉयड 'बिल्ड आम जोनटाग' के लिए आईएनएसए संस्थान के किए एक सर्वे में शामिल 58 फीसदी लोगों का मानना है कि चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की सेंटर-लेफ्ट और सेंटर-राइट पार्टियों की मौजूदा गठबंधन सरकार नहीं टिक पाएगी.
सिर्फ 24 प्रतिशत लोगों का मानना है कि यह गठबंधन टिका रहेगा, जबकि 18 फीसदी लोगों ने इस बारे में राय व्यक्त नहीं की. सर्वे में शामिल 1,000 से ज्यादा लोगों में से करीब तीन-चौथाई का मानना है कि वे सरकार के काम से असंतुष्ट हैं, जबकि मात्र 16 फीसदी ने ही कहा कि वे संतुष्ट हैं.
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एएफडी के लिए बढ़ता समर्थन
आईएनएसए के एक दूसरे सर्वे ने धुर दक्षिणपंथी 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) पार्टी को जनसमर्थन के मामले में मैर्त्स के अपने सेंटर-राइट ब्लॉक (सीडीयू/सीएसयू पार्टी) से चार अंक आगे रखा है. एएफडी के लिए समर्थन 28 फीसदी था, जबकि क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) और सहोदर पार्टी क्रिश्चियन सोशल यूनियन (सीएसयू) वाला मैर्त्स का रूढ़िवादी ब्लॉक 24 फीसदी पर रहा.
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सेंटर लेफ्ट सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसपीडी) पिछले हफ्ते के पोल की तरह 14 प्रतिशत पर बरकरार थी, जबकि विपक्षी 'ग्रीन्स' पार्टी एक अंक बढ़कर 13 फीसदी पर पहुंच गई. वामपंथी पार्टी 'डी लिंके' 11 फीसदी पर स्थिर रही. सीडीयू, सीएसयू और एसपीडी को मिलाकर बनी संघीय सरकार ने एक साल पहले कार्यभार संभाला था और फ्रीडरिष मैर्त्स ने पिछले साल 6 मई को चांसलर के रूप में शपथ ली थी.
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पार्टी के भीतर चिंताएं
चांसलर मैर्त्स की सरकार के वरिष्ठ कंजरवेटिव नेता सुधारों की धीमी रफ्तार पर बढ़ती निराशा के बीच सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स (एसपीडी) के साथ अपने गठबंधन की स्थिति को लेकर चिंतित हैं. मैर्त्स की सीडीयू पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद श्टेफन बिल्गर ने रविवार को 'हांडल्सब्लाट' अखबार से कहा कि पिछले कुछ दिनों में एसपीडी की ओर से "रुकावटें डालने और उंगली उठाने" ने "नेताओं के काम करने की क्षमता पर भरोसे" को प्रभावित किया है.
बिल्गर ने तुरंत जरूरी सुधार करने और नतीजे देने की पैरवी की. उन्होंने कहा, "इस वक्त बहुत से नागरिक राजनेताओं से संपर्क कर रहे हैं और हम से जिम्मेदारी उठाने की अपील कर रहे हैं."
सांसद बिल्गर ने चेतावनी दी कि मौजूदा चुनौतियां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर काफी बड़ी हैं और यही वजह है कि सीडीयू/सीएसयू और एसपीडी के गठबंधन को सुधारों से निपटने और इस देश को फिर से आगे बढ़ाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देनी चाहिए.













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