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VIDEO: अब इस देश के राष्ट्रपति देश छोड़कर भागे, तख्तापलट की हो रही कोशिश; Gen Z के विरोध प्रदर्शनों का बड़ा असर

अफ्रीका के पूर्वी तट पर स्थित एक द्वीपीय देश 'मेडागास्कर' में जनाक्रोश और युवा आंदोलन ने एक बार फिर देश की सत्ता को हिलाकर रख दिया है.

VIDEO: अब इस देश के राष्ट्रपति देश छोड़कर भागे, तख्तापलट की हो रही कोशिश; Gen Z के विरोध प्रदर्शनों का बड़ा असर
President Andry Rajoelina Fled (Photo- @Symbolis/X)

Madagascar Protest News: अफ्रीका के पूर्वी तट पर स्थित एक द्वीपीय देश 'मेडागास्कर' में जनाक्रोश और युवा आंदोलन ने एक बार फिर देश की सत्ता को हिलाकर रख दिया है. राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना (President Andry Rajoelina) राजधानी एंटानानारिवो (Antananarivo) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच देश छोड़कर भाग गए हैं. बताया जा रहा है कि यह कदम सेना के एक बड़े गुट के विद्रोह के बाद उठाया गया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों और विपक्षी नेताओं के अनुसार, राष्ट्रपति राजोइलिना रविवार को एक फ्रांसीसी सैन्य विमान (French Military Aircraft) से देश छोड़कर चले गए.

एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि वह सेंट-मैरी हवाई अड्डे से फ्रांसीसी सैन्य विमान "कासा (Casa)" से रवाना हुए.

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मेडागास्कर: राष्ट्रपति राजोएलिना देश छोड़कर फरार

देश छोड़कर फ्रांस भागे राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना

फ्रांसीसी रेडियो स्टेशन RFI ने दावा किया कि राजोइलिना और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (French President Emmanuel Macron) के बीच पहले ही एक समझौता हो चुका है. एक फेसबुक संदेश में, राष्ट्रपति ने कहा कि वह अपनी जान बचाने के लिए एक "सुरक्षित स्थान" पर चले गए हैं, लेकिन उन्होंने पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया. 

उन्होंने कहा कि वह "मेडागास्कर को बर्बाद नहीं होने देंगे." हालांकि, उन्होंने अपने ठिकाने का खुलासा नहीं किया.

सरकार के खिलाफ क्यों शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन

मेडागास्कर की कुल आबादी लगभग 3 करोड़ है, जिसमें से तीन-चौथाई गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं. इस बीच, सरकार के प्रति युवाओं का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है. देश में यह आंदोलन (Gen Z Protest) सितंबर के अंत में शुरू हुआ जब युवाओं ने बिजली कटौती और पानी की कमी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किए. धीरे-धीरे, यह आंदोलन भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सरकारी लापरवाही के खिलाफ एक बड़े जन आंदोलन में बदल गया.

स्थिति तब और बिगड़ गई जब सेना की विशेष इकाई 'कैपसैट (CAPSAT)' ने राष्ट्रपति का साथ छोड़ दिया और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया. इस इकाई ने भीड़ पर गोली चलाने से इनकार कर दिया और खुद को सेना का नियंत्रक घोषित कर दिया. इसके बाद, जेंडरमेरी अर्धसैनिक बल (Gendarmerie) के कुछ हिस्से भी इस आंदोलन में शामिल हो गए.

संसद ने राष्ट्रपति के खिलाफ शुरू की कार्रवाई शुरू

देश की संसद ने भी राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. सीनेट अध्यक्ष को पद से हटा दिया गया और जीन आंद्रे एन्ड्रेमंजारी (Jean André Andremanjari) को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया. संविधान के अनुसार, जब राष्ट्रपति पद रिक्त होता है, तो वह अस्थायी रूप से कार्यभार संभालते हैं.

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 25 सितंबर से पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में 22 लोग मारे गए हैं. गरीबी और बेरोजगारी से त्रस्त देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा अब बदलाव की मांग कर रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 14, 2025 08:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).