पंजाब में शेर-चीतों को घर में पालने को कानूनी मंजूरी, 50 हजार रुपये में मिलेगा लाइसेंस, वीडियो बनाने पर प्रतिबंध
पंजाब सरकार ने शेर, चीता, बाघ, जैगुआर और प्यूमा जैसे जंगली जानवरों को घर में पालने को कानूनी मंजूरी दे दी है, लेकिन इसके लिए 50 हजार रुपये का लाइसेंस शुल्क और कई सख्त नियम लागू किए गए हैं.
लाहौर: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में अब घरों में शेर, चीता, बाघ, जैगुआर और प्यूमा जैसे खतरनाक जंगली जानवर पालना कानूनी रूप से मान्य हो गया है. प्रांतीय कैबिनेट ने वन्यजीव कानून में बदलाव करते हुए इन जानवरों को पालने की अनुमति दी है. हालांकि, अब इन्हें TikTok और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.
50 हजार रुपये में मिलेगा लाइसेंस
पंजाब सरकार के नए नियमों के तहत, शेर-चीतों जैसे जंगली जानवरों को पालने के लिए वन्यजीव विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. प्रति जानवर लाइसेंस शुल्क 50 हजार रुपये तय किया गया है. हालांकि, इन जानवरों को रिहायशी इलाकों से बाहर रखना होगा. जो लोग पहले से रिहायशी इलाकों में इन जानवरों को पाल रहे हैं, उन्हें निर्धारित समय के भीतर इन्हें सुरक्षित स्थान पर ट्रांसफर करना होगा. ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाएगी.
सोशल मीडिया पर सख्ती
पंजाब की मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा कि 70 साल से इन जानवरों को पालने के लिए कोई स्पष्ट कानून नहीं था, जिससे इन्हें अवैध रूप से घरों में रखा जाता रहा. अब इन्हें सोशल मीडिया पर दिखाने पर सख्त पाबंदी लगाई गई है. उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
नियमों का पालन जरूरी
वन विभाग ने इन जंगली जानवरों की देखभाल और सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाए हैं. प्रमुख स्थानों पर चेकपॉइंट लगाए जाएंगे और रात के समय इन जानवरों को बाहर घुमाने पर रोक होगी. इसके अलावा, जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जंगल की सीमा से 5 मील तक कोयला भट्टा और आरामिल जैसे उद्योगों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.
शेर पालने का बढ़ता चलन
पाकिस्तान में शेर और चीता पालने का शौक अमीरों और सियासी हस्तियों के बीच काफी लोकप्रिय है. नवाज शरीफ के भांजे सलमान शाहबाज ने 2009 में साइबेरियाई शेर मंगवाने के लिए सरकार से इजाजत मांगी थी, लेकिन विवाद के चलते यह मामला रुक गया.
दुबई और यूएई जैसे देशों में भी शेर पालना अमीरी की पहचान माना जाता है. हालांकि, वहां इसे लेकर सख्त कानून हैं और नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है.
भारत में सख्त कानून
भारत में शेर, बाघ और अन्य जंगली जानवरों को पालने पर पूरी तरह प्रतिबंध है. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इसे अपराध माना गया है. वहीं, अमेरिका जैसे देशों में जंगली जानवर पालने का चलन बढ़ता जा रहा है, जहां कई राज्यों में चीते और बाघ घरों में पाले जाते हैं.
पंजाब सरकार के इस फैसले ने जहां इन जानवरों को पालने को कानूनी मान्यता दी है, वहीं इसके साथ सख्त नियम भी लागू किए गए हैं. अब देखना होगा कि इस फैसले का इन जंगली जानवरों और समाज पर क्या असर पड़ता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 17, 2025 01:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

