तेहरान/वॉशिंगटन: मध्य पूर्व (Middle-East) में मंडरा रहे महायुद्ध के बादलों के बीच बुधवार को एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) द्वारा ईरान को दी गई 'डेडलाइन' खत्म होने से महज 90 मिनट पहले, दोनों देशों के बीच 14 दिनों के युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमति बन गई है. ईरान ने इस अवधि के दौरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों की आवाजाही के लिए खोलने का निर्णय लिया है. यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी: 'आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, मैं ऐसा नहीं चाहता लेकिन शायद यह होकर रहेगा'
ईरान की घोषणा: 'अगर हमले रुके, तो हम भी रुकेंगे'
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि यदि ईरान पर हमले रोके जाते हैं, तो उनकी सेना भी रक्षात्मक अभियान बंद कर देगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले दो हफ्तों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते वे ईरानी अधिकारियों के साथ उचित समन्वय और तकनीकी शर्तों का पालन करें.
अराघची ने बताया कि यह फैसला अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को स्वीकार किए जाने के बाद लिया गया है.
डोनाल्ड ट्रंप का 'दो तरफा सीजफायर' का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पुष्टि की है कि वे अगले दो हफ्तों के लिए ईरान पर नियोजित सैन्य हमलों को स्थगित करने के लिए सहमत हैं. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और सुरक्षित रूप से खोलने की सहमति के बाद, मैं 14 दिनों के लिए बमबारी और हमलों को रोकने के लिए तैयार हूं.'
ट्रंप ने इस कदम को 'दो तरफा सीजफायर' करार दिया और दावा किया कि अमेरिका ने अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पहले ही हासिल कर लिया है. यह भी पढ़ें: Iran War Update: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान; कहा- 'सैन्य अभियान लक्ष्य के करीब, समझौता नहीं हुआ तो किए जाएंगे और भी विनाशकारी हमले
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अस्थायी संघर्ष-विराम की घोषणा के बाद ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर सहमत हुआ
Statement on behalf of the Supreme National Security Council of the Islamic Republic of Iran: pic.twitter.com/cEtBNCLnWT
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 7, 2026
शांति समझौते की ओर बढ़ते कदम
इस युद्धविराम को क्षेत्र में स्थिरता लाने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे अधिकांश विवादित बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है. उन्होंने ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव को बातचीत का एक व्यावहारिक आधार बताया.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह दो सप्ताह की अवधि दोनों पक्षों को समझौते की शर्तों को अंतिम रूप देने और उसे लागू करने का अवसर देगी.
'स्टोन एज' की चेतावनी से समझौते तक
उल्लेखनीय है कि यह समझौता उस समय हुआ जब तनाव अपने चरम पर था. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि वह समझौते पर राजी नहीं हुआ तो उसे बमबारी करके 'पत्थर युग' (Stone Age) में पहुँचा दिया जाएगा. हालांकि, अंतिम समय में कूटनीतिक रास्तों के खुलने से एक विनाशकारी युद्ध की संभावना फिलहाल टलती नजर आ रही है.













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