विदेश

ईरान के सुप्रीम लीडर या राष्ट्रपति, कौन है सबसे ज्यादा ताकतवर? जानें कैसे बनता है सत्ता का संतुलन

ईरान के राजनीतिक ढांचे में सुप्रीम लीडर सबसे अधिक शक्तिशाली होते हैं. उनके पास देश की सैन्य, न्यायिक और धार्मिक संस्थाओं पर पूर्ण नियंत्रण होता है. राष्ट्रपति के पास प्रशासनिक और आर्थिक नीतियों को लागू करने की शक्ति होती है, लेकिन उनकी कई नीतियां सर्वोच्च नेता की मंजूरी के बिना लागू नहीं हो सकतीं.

ईरान के सुप्रीम लीडर या राष्ट्रपति, कौन है सबसे ज्यादा ताकतवर? जानें कैसे बनता है सत्ता का संतुलन

ईरान में सर्वोच्च नेता (Iran Supreme Leader) के पास राष्ट्रपति की तुलना में अधिक शक्ति और प्रभाव होता है. सर्वोच्च नेता ईरान की राजनीतिक, धार्मिक और सैन्य नीतियों का अंतिम निर्णयकर्ता होता है. वहीं, राष्ट्रपति सरकार का मुखिया होता है और वह दिन-प्रतिदिन के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करता है, लेकिन उसकी शक्ति सर्वोच्च नेता के अधीन होती है.

ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) हैं. वह 1989 से इस पद पर हैं, जब देश के पहले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की मृत्यु हो गई थी. अली ख़ामेनेई ईरान की सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली राजनीतिक और धार्मिक शख्सियत हैं, और उनके पास देश की मुख्य नीतियों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार है.

सर्वोच्च नेता की शक्तियां 

सैन्य नियंत्रण: सर्वोच्च नेता सशस्त्र बलों का सर्वोच्च कमांडर होता है और सभी प्रमुख सैन्य और सुरक्षा फैसले करता है.

न्यायपालिका का नियंत्रण: न्यायपालिका के प्रमुख की नियुक्ति सर्वोच्च नेता द्वारा की जाती है.

विदेश नीति: ईरान की विदेश नीति में सर्वोच्च नेता का अंतिम शब्द होता है.

अधिकारियों की नियुक्ति: सर्वोच्च नेता संवैधानिक परिषद, न्यायपालिका, सशस्त्र बलों, और प्रमुख धार्मिक पदों पर नियुक्तियां करता है.

विधान: सर्वोच्च नेता किसी भी कानून को वीटो कर सकता है और संसद द्वारा पारित विधेयकों पर अपनी सहमति या असहमति व्यक्त कर सकता है.

सुप्रीम लीडर की बात पत्थर की लकीर

6 जुलाई को  ईरान के राष्ट्रपति चुनाव का नतीजा आया था. रिफॉर्मिस्ट मसूद पेजेशकियान (Iran  President Masoud Pezeshkian)  ने राष्ट्रपति का चुनाव जीता. उन्होंने कट्टरपंथी माने जाने वाले उम्मीदवार सईद जलीली को मात दी. ईरान में सुप्रीम लीडर की बात पत्थर की लकीर मानी जाती है. पेजेशकियान भी उन नेताओं में एक हैं, जो सुप्रीम लीडर को देश के सभी मामलों में आखिरी मध्यस्थ मानते हैं. वह पश्चिम के साथ ईरान के बेहतर संबंध की वकालत करते रहे हैं, जिनके प्रतिबंधों से देश का आज खस्ता हाल है.

राष्ट्रपति की शक्तियां 

कार्यकारी प्रशासन: राष्ट्रपति सरकार के कार्यकारी विभागों का प्रमुख होता है और अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और आंतरिक मामलों का संचालन करता है.

विदेशी संबंध: राष्ट्रपति अन्य देशों के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखता है, लेकिन इन मामलों में सर्वोच्च नेता का अंतिम निर्णय होता है.

बजट और कानून निर्माण: राष्ट्रपति संसद को बजट प्रस्तुत करता है और विभिन्न नीतिगत मुद्दों पर कानून बनाने में भूमिका निभाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 06, 2024 03:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).