Pune Dog Attack: पुणे में आवारा कुत्तों का आतंक! किरकटवाड़ी की हाउसिंग सोसाइटी में स्कूली बच्चे को घेरा, सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक घटना (Watch Video)
पुणे में आवारा कुत्तों के पीछा करने पर नाबालिग बाल-बाल बचा (Photo Credits: X/@brizpatil)

पुणे: महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे शहर (Pune City) के किरकटवाड़ी इलाके (Kirkatwadi Area) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. शुक्रवार सुबह एक रिहायशी परिसर के अंदर आवारा कुत्तों के झुंड ने एक स्कूली बच्चे को घेर लिया और उसका पीछा किया. यह पूरी घटना 'चैत्रांगण सोसाइटी' (Chaitrangan Society) के सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसे देखकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है. वीडियो में दिख रहा है कि स्कूल यूनिफॉर्म पहने बच्चा जैसे ही सोसाइटी परिसर में दाखिल होता है, कई कुत्ते अचानक उसे घेर लेते हैं, जिससे वह डरकर चीखने लगता है और भागने की कोशिश में गिर पड़ता है. यह भी पढ़ें: नाशिक के आराई गांव में 'एआई भूत' का खौफ: पुलिस ने किया पर्दाफाश, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

स्थानीय युवकों ने बचाई जान

खुशकिस्मती से, पास ही मौजूद एक युवक और अन्य राहगीरों ने बच्चे की चीख सुनी और तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़ पड़े. लोगों ने समय रहते कुत्तों को वहां से खदेड़ दिया. हालांकि, कुत्तों ने बच्चे को काटा नहीं है, लेकिन भागते समय जमीन पर गिरने के कारण उसे मामूली चोटें आई हैं. बच्चा इस घटना के बाद से गहरे सदमे में है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, पुणे नगर निगम (PMC) हरकत में आया और स्थिति का जायजा लेने के लिए दो विशेष टीमें मौके पर भेजीं.

पीएमसी की कार्रवाई: आक्रामक कुत्तों की होगी निगरानी

पुणे नगर निगम के पशु चिकित्सा विभाग ने किरकटवाड़ी और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सारिका फुंडे-भोसले ने पुष्टि की कि वीडियो सामने आने के बाद टीम तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन फुटेज में दिखने वाले कुत्ते तब तक वहां से जा चुके थे.

नगर निकाय ने अगले कुछ दिनों तक इस अभियान को जारी रखने का संकल्प लिया है। डॉ. फुंडे-भोसले ने कहा:

'आक्रामक कुत्तों को पकड़ा जाएगा, उनका टीकाकरण किया जाएगा और उन्हें नगर निगम के डॉग पाउंड में निगरानी में रखा जाएगा. इन कुत्तों की रेबीज जांच भी की जाएगी और उनके व्यवहार पर नजर रखने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी.'

आवारा कुत्तों के पीछा करने पर नाबालिग बाल-बाल बचा

निवासियों का बढ़ता डर और गुस्सा

इस घटना ने पुणे के बाहरी इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर बहस को फिर से छेड़ दिया है. चैत्रांगण सोसाइटी के निवासियों का दावा है कि उन्होंने पिछले कुछ महीनों में नागरिक अधिकारियों को कई शिकायतें भेजी थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. कई अभिभावकों का कहना है कि अब उन्हें अपने बच्चों को सोसाइटी के सुरक्षित गेटेड परिसर में भी अकेले खेलने भेजने में डर लगने लगा है. यह भी पढ़ें: गोलगप्पा मसाले से निकला 'जिंदा चूहा': Viral Video देख सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप, कंटेंट क्रिएटर ने बताई सच्चाई

शहरी क्षेत्रों में बढ़ता डॉग-ह्यूमन कॉन्फ्लिक्ट

पुणे में यह हमला कोई पहली घटना नहीं है; शहर के विभिन्न हिस्सों से लगातार कुत्तों के हमलों की खबरें आती रही हैं. स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत के कई महानगरों में कुत्ता काटने की घटनाओं में साल-दर-साल वृद्धि देखी गई है.

पुणे नगर निगम फिलहाल बुनियादी ढांचे की कमी और आक्रामक कुत्तों को लंबे समय तक रखने के लिए पर्याप्त शेल्टर होम न होने की समस्या से जूझ रहा है. वर्तमान कानून के अनुसार, नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को वापस उनके मूल स्थान पर छोड़ना अनिवार्य है, जो अक्सर पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और चिंतित अभिभावकों के बीच विवाद का विषय बना रहता है.