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Indonesia School Building Collapse Tragedy: इंडोनेशिया में स्कूल की इमारत ढहने के बाद 91 लोग फंसे, तीन की मौत 26 अस्पताल में भर्ती

इंडोनेशिया के सिदोअर्जो में स्कूल की इमारत ढहने के के बाद हालातों को लेकर ताजा जानकारी सामने आई है. इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बुधवार को बताया कि पूर्वी जावा प्रांत के सिदोअर्जो जिले में हुए इस हादसे में स्कूली छात्र समेत करीब 91 लोग मलबे में फंस गए. इस घटना में अबतक तीन लोगों की मौत हो गई.

Indonesia School Building Collapse Tragedy: इंडोनेशिया में स्कूल की इमारत ढहने के बाद 91 लोग फंसे, तीन की मौत 26 अस्पताल में भर्ती
(Photo Credits Pixabay/Rep)

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर : इंडोनेशिया के सिदोअर्जो में स्कूल की इमारत ढहने के के बाद हालातों को लेकर ताजा जानकारी सामने आई है. इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बुधवार को बताया कि पूर्वी जावा प्रांत के सिदोअर्जो जिले में हुए इस हादसे में स्कूली छात्र समेत करीब 91 लोग मलबे में फंस गए. इस घटना में अबतक तीन लोगों की मौत हो गई.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) के प्रवक्ता अब्दुल मुहरी ने बताया कि मंगलवार शाम तक इस दुर्घटना में 90 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि 26 लोगों का अभी अस्पताल में इलाज जारी है. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और मलबे में लोगों को निकालने के लिए अलग-अलग एजेंसियों के सैकड़ों बचावकर्मियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया है. हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. सभी बचावकर्मी हाथ के इस्तेमाल से ही मलबे को हटाने की कोशिश कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : Philippines Earthquake: फिलीपींस में 6.7 तीव्रता के भूकंप ने मचाई भारी तबाही, 19 की मौत; कई शहरों की बिजली गुल

दरअसल, मलबे के नीचे कई लोग दबे हुए हैं. ऐसे में अगर भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया, तो संभव है कि मलबे में दबे लोगों को इससे नुकसान पहुंचे. वहीं मलबे में फंसे लोगों तक भोजन और पानी के साथ ही ऑक्सीजन पहुंचाया जा रहा है. घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे एक बचावकर्मी ने बताया कि ढही हुई इमारत के मलबे में दबे कुछ लोगों के जीवित होने की उम्मीद है. ऐसे में उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है.

इस बीच, बीएनपीबी निर्माण विशेषज्ञों के साथ मिलकर मलबा हटाने की योजना तैयार कर रहा है. इससे बाद में लोगों को बाहर निकालने में आसानी होगी और जरूरत पड़ने पर बाद के चरणों में भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा सकेगा. मलबे में फंसे स्कूली छात्रों में ज्यादातर बच्चे 12 से 17 साल के बीच के बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद नोटिस बोर्ड पर दी गई जानकारी के अनुसार करीब 65 छात्रों का कुछ पता नहीं चल पाया था. वहीं हादसे के बाद से छात्रों के परिजनों का बुरा हाल हो रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 01, 2025 11:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).