Pakistan Oil Production Data: एक तरफ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर यह कहकर हलचल मचा दी है कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच वहां के "विशाल तेल भंडारों" को विकसित करने का सौदा हुआ है. लेकिन दूसरी तरफ, जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है. आंकड़े बताते हैं कि पाकिस्तान के पास तेल का भंडार बहुत सीमित है और वह अपनी 85% जरूरतें आयात यानी दूसरे देशों से खरीदकर पूरी करता है.
आंकड़े क्या कहते हैं?
वर्ल्डोमीटर (Worldometer) के आंकड़ों के अनुसार, 2016 तक पाकिस्तान के पास लगभग 35.3 करोड़ बैरल का प्रमाणित तेल भंडार था. इस मामले में वह दुनिया में 52वें स्थान पर था. यह दुनिया के कुल तेल भंडार का सिर्फ 0.021% है, यानी ना के बराबर.
अगर आज की खपत के हिसाब से देखें, तो पाकिस्तान हर दिन लगभग 5,56,000 बैरल तेल का इस्तेमाल करता है. अगर पाकिस्तान बाहर से तेल खरीदना पूरी तरह बंद कर दे, तो उसके अपने भंडार दो साल से भी कम समय में खत्म हो जाएंगे.
पाकिस्तान में तेल का रोजाना उत्पादन केवल 70,000 से 80,000 बैरल के बीच है, जो उसकी अपनी खपत का सिर्फ 15-20% ही पूरा कर पाता है.
कीमतों में जमीन-आसमान का फर्क
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान में तेल की ऊंची कीमतों का कारण भी यही है. वहां पेट्रोल की मौजूदा कीमत ₹272.15 प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत ₹284.35 प्रति लीटर है. यह भारत की कीमतों से दोगुने से भी ज्यादा है.
इसकी तुलना में, भारत में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर (दिल्ली की कीमतें, जो राज्यों में स्थानीय टैक्स के कारण थोड़ी अलग हो सकती हैं) है. पाकिस्तान में तेल की ये कीमतें दुनिया में सबसे महंगी कीमतों में से हैं और यह दिखाती हैं कि वह आयात पर कितना ज्यादा निर्भर है.
तेल निकालने में चुनौतियां
एक बड़ी वजह यह भी है कि पाकिस्तान में तेल की खोज की सफलता दर बहुत कम है. इसके अलावा, राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं निवेशकों को दूर रखती हैं. इंडियन ऑयल के अधिकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की तेल रिफाइन करने की क्षमता भी बहुत सीमित और पुरानी हो चुकी है.
हालांकि बलूचिस्तान और कराची के पास समुद्र के नीचे (ऑफशोर) और शेल ऑयल की कुछ संभावनाएं हैं, लेकिन अब तक की खोज के नतीजे या तो कुछ खास नहीं रहे हैं या फिर व्यावसायिक रूप से फायदेमंद साबित नहीं हुए हैं.
ट्रंप ने अपने पोस्ट में क्या कहा था?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "हमने अभी-अभी पाकिस्तान के साथ एक सौदा किया है, जिसके तहत पाकिस्तान और अमेरिका मिलकर उसके विशाल तेल भंडारों को विकसित करने पर काम करेंगे... हम उस तेल कंपनी को चुनने की प्रक्रिया में हैं जो इस साझेदारी का नेतृत्व करेगी. क्या पता, शायद वे किसी दिन भारत को भी तेल बेचें!".
कुल मिलाकर, ट्रंप का दावा भले ही बड़ा हो, लेकिन मौजूदा आंकड़े और जमीनी हालात पाकिस्तान में किसी 'विशाल' तेल भंडार की मौजूदगी की पुष्टि नहीं करते हैं.













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