Pakistan Petrol-Diesel Price Hike: पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार देर रात ईंधन की कीमतों में लगभग 20% की भारी वृद्धि की घोषणा की है. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ईरान से जुड़े क्षेत्रीय संघर्ष को इस फैसले का मुख्य कारण बताया गया है. पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने एक टेलीविजन संदेश के माध्यम से जनता को इस फैसले की जानकारी दी.
कीमतों में 55 रुपये तक का उछाल
सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की ऐतिहासिक वृद्धि की है. इस बढ़ोतरी के बाद अब पाकिस्तान में एक लीटर डीजल की कीमत 321.17 रुपये और पेट्रोल की कीमत 335.86 रुपये हो गई है. पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल के कारण सरकार को मजबूरी में यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है. यह भी पढ़े: LPG Gas Price Hike: ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव का असर, घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल 115 रुपये महंगा; जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों के नए रेट्स
पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें
कीमतों में वृद्धि की घोषणा से पहले ही लाहौर और कराची जैसे प्रमुख शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं. लोग बढ़ी हुई कीमतों के लागू होने से पहले अपनी टंकियां भरवा लेना चाहते थे. लाहौर के एक व्यवसायी इमरान हुसैन ने बताया कि वह संभावित कमी और ऊंची कीमतों से बचने के लिए पिछले 70 मिनट से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे.
जमाखोरी के खिलाफ सख्त चेतावनी
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईंधन की जमाखोरी करने वालों को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि संकट के समय में ईंधन को छिपाकर रखने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के पास वर्तमान में पर्याप्त पेट्रोलियम भंडार मौजूद है, लेकिन भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए इनका संयमित उपयोग जरूरी है.
मध्य पूर्व तनाव और सप्लाई चेन
पाकिस्तान अपनी तेल जरूरतों के लिए मुख्य रूप से सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर निर्भर है. यह आपूर्ति 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के रास्ते होती है, जो वर्तमान में ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण बेहद संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है. मंत्री ने कहा कि चूंकि यह स्पष्ट नहीं है कि मिडिल ईस्ट संकट कब समाप्त होगा, इसलिए सरकार साप्ताहिक आधार पर कीमतों की समीक्षा करेगी.
आम जनता पर पड़ेगा महंगाई का बोझ
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी से पाकिस्तान में महंगाई की दर और बढ़ेगी. परिवहन लागत बढ़ने का सीधा असर खाद्य वस्तुओं और अन्य आवश्यक सेवाओं पर पड़ेगा, जिससे पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रही पाकिस्तान की गरीब आबादी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.













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