Earthquake In Japan: जापान में भूकंप के झटके, 7.5 की तीव्रता से कांपा सानरिकू तट; सुनामी की चेतावनी जारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (File Image)

Earthquake In Japan: जापान (Japan) के उत्तरी तटीय क्षेत्र (Northern Japanese Coast) में सोमवार शाम भूकंप (Earthquake) के जोरदार झटके महसूस किए गए.  रिक्टर स्केल पर भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 7.5 मापी गई है. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) (Japan Meteorological Agency) के अनुसार, यह भूकंप शाम लगभग 4:53 बजे (भारतीय समयानुसार दोपहर 1:23 बजे) सानरिकू के तट के पास आया. भूकंप का केंद्र समुद्र की सतह से केवल 10 किलोमीटर (6 मील) की गहराई पर था, जिसके कारण झटकों का असर काफी व्यापक रहा. यह भी पढ़ें: Earthquake in Iran: ईरान में मिसाइलों की बारिश के बीच भूकंप के तेज झटके, 4.1 की तीव्रता से कांपी धरती

सुनामी की चेतावनी: 3 मीटर ऊंची लहरों का खतरा

भूकंप के तुरंत बाद जापानी सार्वजनिक प्रसारक NHK ने तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि समुद्र में 3 मीटर (लगभग 10 फीट) तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जो तटीय बस्तियों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं. स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को तुरंत ऊंचाई वाले स्थानों और सुरक्षित आश्रयों की ओर पलायन करने के निर्देश दिए हैं.

2011 की भयावह यादें हुईं ताजा

यह प्राकृतिक आपदा ऐसे समय में आई है जब जापान 11 मार्च 2011 को आए विनाशकारी भूकंप और सुनामी की 15वीं बरसी से गुजर रहा है. उस समय 9.0 तीव्रता के भूकंप ने उत्तरी जापान में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 22,000 से अधिक लोगों की जान गई थी. वर्तमान भूकंप ने एक बार फिर उन जख्मों को हरा कर दिया है, जिससे लोगों के बीच भारी दहशत का माहौल है. यह भी पढ़ें: Earthquake in Japan: जापान के शिमाने प्रांत में 6.2 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा नहीं, जानें ताजा स्थिति

फुकुशिमा और विस्थापन का संकट

भूकंप के बाद सुरक्षा एजेंसियां परमाणु संयंत्रों की स्थिति पर भी नजर रख रही हैं. गौरतलब है कि 2011 की सुनामी के कारण फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र से रेडियोधर्मी रिसाव हुआ था, जिसके चलते लगभग 1,60,000 लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था. आंकड़ों के अनुसार, उनमें से करीब 26,000 लोग आज भी अपने घरों को नहीं लौट सके हैं. ताजा भूकंप ने विकिरण (Radiation) के खतरों को लेकर स्थानीय निवासियों की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है.