ट्रंप का यूक्रेन पर नया वार! क्या जेलेंस्की से छीन लेंगे आखिरी बेशकीमती खजाना? खनिज संपदा पर होगी बड़ी डील

रूस पहले ही यूक्रेन पर भीषण हमला कर चुका है, जिससे देश की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. लेकिन अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर यूक्रेन में बची-खुची दुर्लभ खनिज संपदा पर है. शनिवार को वॉशिंगटन में कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (CPAC) के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका ने रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन का समर्थन करने के लिए जो आर्थिक मदद दी है, उसे वह वापस लेना चाहते हैं. ट्रंप प्रशासन अब यूक्रेन में मौजूद दुर्लभ खनिज संपदा के सौदे को लेकर बातचीत कर रहा है.

यूक्रेन को मजबूर कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत कीथ केलॉग ने हाल ही में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी. इसके बाद उन्होंने कहा कि जेलेंस्की अमेरिका के साथ समझौता करने की जरूरत को समझते हैं. हालांकि, यूक्रेन के सूत्रों का कहना है कि कीव को पहले अमेरिका से कुछ आश्वासन चाहिए.

सूत्रों के अनुसार, वर्तमान मसौदे के रूप में यूक्रेनी राष्ट्रपति इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. वे अब भी इसमें बदलाव और संशोधन करने की कोशिश कर रहे हैं. यूक्रेन चाहता है कि किसी भी समझौते में सुरक्षा गारंटी शामिल हो, क्योंकि वह तीन वर्षों से रूस के आक्रमण का सामना कर रहा है.

डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से यूरोप में चिंता

यूक्रेन को लेकर ट्रंप के फैसलों से यूरोप के कई देश असहज महसूस कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में जेलेंस्की को 'तानाशाह' करार दिया और उनसे युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया. ट्रंप ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर तीन सालों में यूक्रेन युद्ध को समाप्त क्यों नहीं कर सका.

इस बीच, अमेरिका और रूस के बीच भी कूटनीतिक बातचीत जारी है. हाल ही में सऊदी अरब के रियाद में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच बैठक हुई थी, जिसमें अमेरिका ने युद्ध समाप्त होने के बाद रूस पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की संभावना पर चर्चा की. हालांकि, अमेरिका रूस पर यह दबाव नहीं बना रहा है कि वह कब्जे में लिए गए यूक्रेनी क्षेत्रों को वापस करे.

यूक्रेन पर ट्रंप के प्रस्ताव से यूरोप में टेंशन

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव रखा है, जिसमें यूक्रेनी क्षेत्रों की वापसी का कोई उल्लेख नहीं है. ट्रंप ने अब तक यूक्रेन को दी गई अमेरिकी मदद की भरपाई के लिए 500 अरब डॉलर मूल्य के दुर्लभ खनिज संपदा पर सौदे की मांग की है. हालांकि, यूक्रेन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है.

यूक्रेनी सूत्रों का कहना है कि यह सौदा अमेरिका के लिए एकतरफा फायदेमंद है और इसमें यूक्रेन को कोई सुरक्षा गारंटी नहीं दी गई है. वहीं, रूस के आक्रमण के बाद से अमेरिका ने यूक्रेन को कुल 65.9 अरब अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता दी है, जबकि कील इंस्टीट्यूट के अनुसार 2022 से 2024 के अंत तक यह आंकड़ा 119.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.

डोनाल्ड ट्रंप की इस नई रणनीति ने यूक्रेन पर अमेरिका की नीति को पूरी तरह बदल दिया है. जहां बाइडेन प्रशासन ने यूक्रेन को समर्थन दिया था, वहीं ट्रंप प्रशासन अब उससे आर्थिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है. इस घटनाक्रम के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच यह सौदा किस दिशा में जाता है और यूरोप तथा बाकी दुनिया इस पर कैसी प्रतिक्रिया देती है.