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प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज कारोबारी बिल गेट्स ने जलवायु परिवर्तन को कृषि क्षेत्र के लिए बताया गंभीर चुनौती, कहा- सही जानकारी की दरकार

प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज कारोबारी और दुनिया के सबसे अमीर बिल गेट्स ने जलवायु परिवर्तन को कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बताया है. हालांकि उनका कहना है कि किसानों को सही जानकारी मिलने से इस चुनौती से निपटा जा सकता है. बिल गेट्स ने भारत में हरित क्रांति की सराहना की.

प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज कारोबारी बिल गेट्स ने जलवायु परिवर्तन को कृषि क्षेत्र के लिए बताया गंभीर चुनौती, कहा- सही जानकारी की दरकार
बिल गेट्स (Photo Credits: Twitter)

प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज कारोबारी और दुनिया के सबसे अमीर बिल गेट्स (Bill Gates) ने जलवायु परिवर्तन को कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बताया है. हालांकि उनका कहना है कि किसानों को सही जानकारी मिलने से इस चुनौती से निपटा जा सकता है. देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कृषि सांख्यिकी सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में सोमवार को बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे बिल गेट्स ने कहा कि किसानों को अगर सही जानकारी मिले तो वे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बच सकते हैं.

उन्होंने कहा, "छोटे जोत वाले किसानों को सही जानकारी मिलने से आय में 20 फीसदी की वृद्धि हो सकती है." बिल गेट्स ने भारत में हरित क्रांति की सराहना की. कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की उपादेयता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "किसानों को अगर सही जानकारी अगर मिले तो हम जल्द ही दुनिया के दो अरब छोटे किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकते हैं." इस मौके पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने देश में सांख्यिकी के इतिहास पर प्रकाश डाला.

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उन्होंने कहा कि भारत में गणना पद्धति वैदिक युग से ही प्रचलित रही है और सांख्यिकी में संभाव्यता के सिद्धांत का उपयोग प्राचीन काल से ही होता रहा है. उन्होंने इस मौके पर सरकार द्वारा किसानों की आमदनी दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने को लेकर उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया. तोमर ने कृषि सांख्यिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों को भारत की सांस्कृतिक विरासत को जानने का मौका मिलेगा.

सांख्यिकी एवं प्रोग्राम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की 50 फीसदी आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है, जबकि देश के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान 17 फीसदी है. नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने कृषि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि सांख्यिकी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश में डाटा क्रांति शुरू हो चुकी है.

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए), आईएसआई-कास, यूरोस्टेट, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के साथ-साथ कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 19, 2019 09:15 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).