बांग्लादेश: BHBCOP के महासचिव राणा दासगुप्ता ने बांग्ला सरकार से अल्पसंख्यकों पर हमलों की जांच का किया आग्रह
बांग्लादेश हिंदू बुद्ध क्रिश्चियन ओइक्या परिषद के महासचिव राणा दासगुप्ता ने बांग्लादेश सरकार से 2012 के बाद से देश के अल्पसंख्यक लोगों पर हुए सभी हमलों की जांच के लिए एक आयोग गठित करने का आग्रह किया है. अल्पसंख्यक समुदायों के कम से कम 11 लोगों को हत्या की धमकी दी गई, 30 के साथ सामूहिक दुष्कर्म और अत्याचार किया गया.
ढाका, 8 नवंबर : बांग्लादेश हिंदू बुद्ध क्रिश्चियन ओइक्या परिषद (बीएचबीसीओपी) के महासचिव राणा दासगुप्ता (Rana Dasgupta) ने बांग्लादेश सरकार से 2012 के बाद से देश के अल्पसंख्यक लोगों पर हुए सभी हमलों की जांच के लिए एक आयोग गठित करने का आग्रह किया है और उन्होंने कहा कि अगर सांप्रदायिक हमलों को रोका नहीं जाता है तो इसके तुरंत बाद अल्पसंख्यक चटगांव से ढाका तक पैदल मार्च करेंगे.
वह चटगांव में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां अल्पसंख्यक समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाले 10 संघों के लगभग 500 लोगों ने अल्पसंख्यकों पर सांप्रदायिक हमलों के खिलाफ विरोध करने के लिए भाग लिया. पूर्व न्यायमूर्ति शम्सुद्दीन माणिक, जो विरोध प्रदर्शन में उपस्थित थे, ने कहा कि बांग्लादेश कभी भी पाकिस्तान नहीं बनेगा, यह सांप्रदायिक सद्भाव का देश है. प्रदर्शनकारियों ने अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों को खत्म करने की मांग की, जिस बारे में उन्होंने दावा किया कि यह 'धार्मिक भावना को आहत करने' का अफवाह फैलाकर किया गया था.
राणा दासगुप्ता ने कहा, "अल्पसंख्यक समुदायों के कम से कम 11 लोगों को हत्या की धमकी दी गई, 30 के साथ सामूहिक दुष्कर्म और अत्याचार किया गया, 23 का अपहरण किया गया, 34 को बांग्लादेश छोड़ने की धमकी दी गई, देवी दुर्गा की 27 मूर्तियों को तोड़ दिया गया, 23 मंदिरों पर हमला किया गया और इस तरह की कई घटनाएं देश के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में हुई हैं. दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए."
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 08, 2020 11:13 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

