Bengaluru Gang-Rape Case: बेंगलुरु गैंगरेप केस में नया मोड़, आरोपी ने पीड़िता पर लगाया जबरन वसूली का आरोप (Watch Video)
Police | Image used for representative purpose (Photo Credits: Pexels)

Bengaluru Gang-Rape Case: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक हाई-प्रोफाइल गैंगरेप मामले की जांच अब दो विरोधाभासी एफआईआर (FIR) के बीच उलझ गई है. मामले के मुख्य आरोपी, 35 वर्षीय व्यवसायी निखिल ने मल्लेश्वरम पुलिस में जवाबी शिकायत दर्ज कराई है. निखिल का दावा है कि उसे 15 लाख रुपये के लिए ब्लैकमेल किया जा रहा था और पीड़िता ने खुद को 'शुगर बेबी' बताते हुए उससे संपर्क किया था. दूसरी ओर, पीड़िता ने नशा देकर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया है.

पीड़िता के आरोप

19 वर्षीय मनोविज्ञान की छात्रा ने अपनी प्राथमिकी (FIR) में एक भयावह घटना का जिक्र किया है. छात्रा के अनुसार, उसे जक्कूर स्थित एक निजी विला में वेलेंटाइन डे पार्टी के लिए बुलाया गया था. वहां उसे जबरन एक गुलाबी रंग की गोली (Pink Pill) खिलाई गई, जिससे वह अर्ध-बेहोशी की हालत में चली गई. पीड़िता का आरोप है कि इसी स्थिति में निखिल और उसके सहयोगी डिक्सन सांडो ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. छात्रा ने बताया कि जान से मारने की धमकी और सदमे के कारण उसने शिकायत दर्ज कराने में देरी की.  यह भी पढ़े:  Bengaluru Shocker: प्रेमी की मदद से महिला ने की पति की हत्या, प्राइवेट पार्ट काट कर फेंका

पीड़िता की सफाई

 आरोपी का दावा

आरोपी निखिल ने बलात्कार की एफआईआर दर्ज होने से एक दिन पहले, 21 फरवरी को पुलिस में शिकायत की थी. निखिल का आरोप है कि छात्रा और उसके एक साथी ने, जो खुद को पत्रकार बता रहा था, उससे 15 लाख रुपये की मांग की. आरोपी का कहना है कि उसे 'स्कैंडल फुटेज' वायरल करने की धमकी दी गई थी. निखिल ने पुलिस को बताया कि छात्रा ने खुद को 'शुगर बेबी' बताया था जो वित्तीय सहायता की तलाश में थी.

फॉरेंसिक जांच और सीसीटीवी फुटेज

बेंगलुरु पुलिस अब इस जटिल मामले को सुलझाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है:

  • पिंक पिल की जांच: फॉरेंसिक टीमें छात्रा के मेडिकल रिपोर्ट और विला से मिले नमूनों की जांच कर रही हैं ताकि 'गुलाबी गोली' की सच्चाई का पता चल सके.

  • सीसीटीवी विश्लेषण: जक्कूर विला के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह देखा जा सके कि छात्रा किस हालत में वहां पहुंची और वहां से निकली.

  • डिजिटल सबूत: पुलिस दोनों पक्षों के इंस्टाग्राम चैट और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है ताकि उनके बीच के वास्तविक संबंधों का पता लगाया जा सके.

कानूनी स्टैंड

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गैंगरेप और जबरन वसूली, दोनों मामलों की स्वतंत्र रूप से जांच की जाएगी. महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले में 'विक्टिम शेमिंग' (पीड़िता पर ही दोष मढ़ने) की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी है. उनका कहना है कि किसी की जीवनशैली या सोशल मीडिया उपस्थिति किसी भी प्रकार के गैर-सहमति वाले यौन कृत्य को जायज नहीं ठहराती. फिलहाल पुलिस कथित 'पत्रकार' इमरान की पहचान करने की कोशिश कर रही है जिसने कथित तौर पर निखिल को फोन किया था.