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Bangladesh: बीएनपी ने कहा, लोकतंत्र बहाल नहीं हुआ, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को लेकर अनिश्चितता

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने कहा है कि देश में अभी तक लोकतंत्र पूरी तरह से बहाल नहीं हुआ है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव भी नहीं हो पाए हैं. यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को दी. बुधवार को ढाका में बीएनपी के मुख्य कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ संयुक्त महासचिव रूहुल कबीर रिजवी ने कहा, "हमारा काम अभी खत्म नहीं हुआ है.

Bangladesh: बीएनपी ने कहा, लोकतंत्र बहाल नहीं हुआ, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को लेकर अनिश्चितता

ढाका, 21 अगस्त : बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने कहा है कि देश में अभी तक लोकतंत्र पूरी तरह से बहाल नहीं हुआ है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव भी नहीं हो पाए हैं. यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को दी. बुधवार को ढाका में बीएनपी के मुख्य कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ संयुक्त महासचिव रूहुल कबीर रिजवी ने कहा, "हमारा काम अभी खत्म नहीं हुआ है. लोकतंत्र अभी पूरी तरह से बहाल नहीं हुआ है. इसे बहाल करने के लिए हमें और भी कठिन रास्ते से गुजरना पड़ सकता है. हमारी पार्टी और राष्ट्रवादी ताकतों के सभी नेता और कार्यकर्ता तैयार हैं."

बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक 'जुगांतर' ने बीएनपी नेता के शब्दों में लिखा, "हमारे देश में अभी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित नहीं हुए हैं. हमें कई तरह की साजिशों और मास्टर प्लान के बारे में पता चलता है." इस बीच, बीएनपी के वरिष्ठ नेता नजरुल इस्लाम खान ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों की मांग, जो अगले राष्ट्रीय चुनाव में आनुपातिक प्रतिनिधित्व (पीआर) प्रणाली लागू करने की है, अवास्तविक और संदिग्ध है खान ने कहा, "जब इस मामले (पीआर) पर इतना जोर दिया जाता है, तो शक होता है कि यह एक गलत कोशिश हो सकती है, जिससे चुनाव कराने पर बुरा असर पड़ सकता है." उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में पीआर लागू करने के लिए संविधान में बदलाव करना होगा, जो चुनाव से पहले संभव नहीं है. यह भी पढ़ें : इजराइल में होने वाला है दुनिया का पहला स्पाइनल कॉर्ड इम्प्लांट, फिर से चल सकेंगे लकवाग्रस्त मरीज

उन्होंने कहा, "अगर आप पीआर प्रणाली लागू करने पर सहमत भी हो जाएं, तो भी इसे आने वाले चुनाव में लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसके लिए पहले संविधान में बदलाव करना होगा. यह काम केवल संसद ही कर सकती है, इसलिए अगर इसे लागू करना है, तो यह अगले चुनाव में ही संभव होगा." दूसरी ओर, कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने संसद के दोनों सदनों में पीआर प्रणाली लागू करने की मांग की है और हाल ही में इस मांग को लेकर आंदोलन शुरू करने की धमकी दी है. 19 अगस्त को, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कानूनी सलाहकार आसिफ नजरूल ने दोहराया कि आम चुनाव अगले साल फरवरी में कराए जाएंगे. चुनाव को लेकर चल रही उलझन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार फरवरी में चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2025 03:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).