अबू धाबी में रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिकी मध्यस्थता में शांति वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई. हालांकि दोनों पक्षों ने जल्दी दोबारा मिलने की बात कही है.यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच यूएई की राजधानी अबू धाबी चल रही त्रिपक्षीय बातचीत का दूसरा दौर बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गया. रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास ने बातचीत से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा कि इस हफ्ते बातचीत जारी रखने की कोई योजना नहीं है. अब तक किसी ठोस नतीजे की घोषणा नहीं की गई है.
ये बातचीत उस युद्ध को खत्म करने का रास्ता तलाशने के लिए है, जिसे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने फरवरी 2022 में यूक्रेन के खिलाफ शुरू किया था. रूस की मांग है कि यूक्रेन कुछ क्षेत्रों को छोड़ दे, नाटो सदस्यता की उम्मीद त्याग दे और अपनी शक्तिशाली सेना को भी छोड़ दे. रूस ने साफ कहा है कि इन मांगों के माने जाने पर ही युद्ध खत्म हो सकता है.
यूक्रेन ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया है और कहा है कि वह उन इलाकों से और पीछे नहीं हटेगा, जिन पर रूसी सैन्य बलों का कब्जा नहीं है. अमेरिकी पक्ष मध्यस्थ की भूमिका में है और दोनों पक्षों को समझौते के लिए राजी करने की कोशिश कर रहा है.
अबू धाबी में क्या हुआ
बातचीत से जुड़ी जानकारी के कुछ हिस्से बाहर आने के बाद कहा गया है कि दोनों युद्धरत पक्षों ने अब तक हुई प्रगति को लेकर सामान्य तौर पर संतोष जताया है. तास ने रूसी वार्ताकार प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य के हवाले से कहा, "नतीजे हैं, लेकिन उनकी घोषणा हमारे यहां जिम्मेदार लोग करेंगे.” वहीं यूक्रेनी पक्ष ने भी बातचीत को "सकारात्मक” और "रचनात्मक” बताया है और बातचीत अगले हफ्ते जितनी जल्दी हो सके, फिर से शुरू हो सकती है.
अबू धाबी में होने वाली बैठकों को लेकर संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह वार्ता "संवाद को बढ़ावा देने और संकट के राजनीतिक समाधान तलाशने” के प्रयासों का हिस्सा है. व्हाइट हाउस ने शुक्रवार के पहले दिन की बातचीत को सकारात्मक बताया. यह बातचीत एक ऐसा पहला मौका है जब ट्रंप सरकार के अधिकारी यूक्रेन और रूस, दोनों के साथ बैठकों में शामिल हुए हैं. ऐसा महीनों बाद है जब दोनों पक्षों के बीच प्रत्यक्ष बातचीत हुई है.
बातचीत के वक्त हमले
इन कूटनीतिक प्रयासों के बीच, यूक्रेन ने कहा कि शुक्रवार को रात भर हुए रूसी हमले हाल के हफ्तों में सबसे भारी हमलों में शामिल थे. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को टेलीग्राम पर कहा, "रूस ने रात के दौरान हमारे क्षेत्रों पर बड़ा हमला किया और 370 लड़ाकू ड्रोन व अलग-अलग प्रकार की 21 मिसाइलें दागीं.”
जेलेंस्की ने कहा कि ऊर्जा ढांचे पर ऐसे हमले यह साबित करते हैं कि वायु रक्षा प्रणालियों की सप्लाई में कोई देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, "इन हमलों पर आंख नहीं मूंदी जा सकती.”
कीव और आसपास के इलाकों के अलावा खारकीव, सूमी और चेरनिहिव क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया, जो रूस की सीमा के करीब हैं. जेलेंस्की ने एक व्यक्ति की मौत के साथ-साथ दर्जनों लोगों के घायल होने और ऊर्जा आपूर्ति ढांचे को भारी नुकसान की जानकारी दी.
स्थानीय अधिकारियों ने रात में हमलों और नुकसान की रिपोर्ट पहले ही दी थी. यूक्रेनी वायु सेना और द कीव इंडिपेंडेंट अखबार ने आधी रात के तुरंत बाद कहा कि शहर पर भारी हमला हो रहा है. अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन और मिसाइलों ने कई जिलों को निशाना बनाया.
रूस की सीमा के नजदीक स्थित खारकीव शहर के मेयर इहोर तेरेखोव ने कहा कि कम से कम 19 लोग घायल हुए. कई अस्पतालों और रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि कुछ लोग मलबे के नीचे फंस गए. खारकीव क्षेत्र के गवर्नर ओलेह सिनियेहुबोव ने कहा कि घायलों में एक गर्भवती महिला और एक बच्चा भी शामिल है.
ताजा हमलों के बाद यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रे सिबिहा ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन पर तीखा हमला बोला. सिबिहा ने एक्स पर लिखा, "विडंबना यह है कि पुतिन ने यूक्रेन पर एक क्रूर, बड़ा मिसाइल हमला ठीक उसी वक्त करने का आदेश दिया जब प्रतिनिधिमंडल अबू धाबी में अमेरिका के नेतृत्व वाली शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मिल रहे हैं.” उन्होंने कहा, "उनकी मिसाइलों ने सिर्फ हमारे लोगों को नहीं, बल्कि बातचीत की मेज को भी निशाना बनाया.”
पिछले कुछ दिनों में कूटनीतिक गतिविधियां तेज रही हैं और स्विट्जरलैंड से लेकर क्रेमलिन तक बातचीत और मुलाकातें हुई हैं. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि दोनों पक्षों के बीच गंभीर मतभेद बने हुए हैं. वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में कहा था कि संभावित शांति समझौता "लगभग तैयार” है, लेकिन कुछ संवेदनशील अड़चनें अब भी हल नहीं हुई हैं.











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