अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने धार्मिक स्वतंत्रता से को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) समेत कई देशो को घेरा. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में धर्म के आधार पर होने वाले भेदभाव और हिंसा पर विरोध प्रकट किया. माइक पोम्पियो ने आतंकवाद की भी जमकर आलोचना की. माइक पोम्पियो ने कहा 10 में से 8 लोग दुनिया के उन हिस्सों में रहते हैं जहां वे खुलकर अपने धर्म के अनुसार चीजें नहीं कर सकते. उन्होंने कहा हम आतंकवादियों और हिंसक चरमपंथियों की निंदा करते हैं, जो धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हैं, इराक में यह यजीदी, पाकिस्तान में हिंदू, पूर्वोत्तर नाइजीरिया में ईसाई और बर्मा में मुसलमान हैं.
माइक पोम्पियो ने कहा, संयुक्त राज्य अमेरिका और हमारे सहयोगियों ने धार्मिक स्वतंत्रता को आगे बढ़ाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है, हम हर जगह धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन या उल्लंघन करने पर आपत्ति जताई है. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के पक्ष में मजबूती से आवाज उठाते रहे हैं. दुनिया भर में धर्म के आधार पर होने वाले भेदभाव और हिंसा पर वे अपनी प्रतिक्रिया देते रहते हैं.
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दुनिया के इन देशों में धर्म के आधार पर हो रही हिंसा-
US Secy of State: More than 8 in 10 ppl in the world today live where they can't practice their faith freely. We condemn terrorists&violent extremists who target religious minorities, be it Yezidis in Iraq, Hindus in Pakistan, Christians in northeast Nigeria, or Muslims in Burma. pic.twitter.com/Ni8cKYUCcn
— ANI (@ANI) February 6, 2020
बता दें कि, पाकिस्तान का नाम उन देशों की सूची में शामिल है जिन्हें धार्मिक स्वतंत्रता के आधार पर भेदभाव करने के चलते अमेरिका ने ब्लैक लिस्ट किया गया है. पाकिस्तान लगातार दो सालों से इस लिस्ट में बना हुआ है.
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इससे पहले बताया था कि पाकिस्तान का नाम उन देशों की सूची में शामिल है जिन्हें धार्मिक आजादी को लेकर प्रतिबंध झेलने पड़ेंगे. पाकिस्तान में दशकों से अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और उत्पीड़न किया जा रहा है. गैर मुस्लिम लोग पाकिस्तान में दशकों से हिंसा और धर्म परिवर्तन को झेल रहे हैं.













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