फ्लोरिडा: अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में आज एक नया इतिहास रचते हुए नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (National Aeronautics and Space Administration), नासा (NASA) के आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन ने सफलतापूर्वक पृथ्वी (Earth) की कक्षा छोड़ दी है. शुक्रवार को ओरियन (Orion) अंतरिक्ष यान ने 'ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न' (Translunar Injection Burn) की प्रक्रिया को सटीक रूप से पूरा किया, जिसके बाद अब चार अंतरिक्ष यात्रियों का यह दल चंद्रमा की ओर अपने सफर पर है. यह मील का पत्थर मानवता की गहरे अंतरिक्ष में वापसी की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है. यह भी पढ़ें: नासा का आर्टेमिस II मिशन: अंतरिक्ष यात्रियों के साथ चंद्रमा की ओर बढ़ा ओरियन यान; रॉकेट से सफलतापूर्वक हुआ अलग
सटीक इंजन बर्न और चंद्रमा का मार्ग
नासा के अनुसार, ओरियन अंतरिक्ष यान के मुख्य इंजन को लगभग 5 मिनट और 49 सेकंड के लिए प्रज्वलित किया गया. इस प्रक्रिया ने करीब 6,000 पाउंड का थ्रस्ट पैदा किया, जिससे यान पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से बाहर निकलकर चंद्रमा की सटीक प्रक्षेपवक्र (Trajectory) पर आ गया. मिशन प्रबंधन टीम ने इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन के लिए सर्वसम्मति से "गो" (Go) सिग्नल दिया था.
1972 के ऐतिहासिक अपोलो 17 मिशन के बाद यह पहली बार है जब अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर यात्रा करने के मार्ग पर हैं. नासा प्रशासक जेरेड Isaacman ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा, 'अमेरिका एक बार फिर अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने के व्यवसाय में वापस आ गया है। इस बार, हम पहले से कहीं अधिक दूर जा रहे हैं.'
मिशन पर तैनात चार जांबाज अंतरिक्ष यात्री
आर्टेमिस II के चालक दल में चार अनुभवी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं: नासा के रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, और क्रिस्टीना कोच, तथा कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हेंसन. अंतरिक्ष में अपने पहले पूरे दिन की शुरुआत चालक दल ने नियमित मिशन गतिविधियों और शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए व्यायाम सत्रों के साथ की. मिशन कंट्रोल ने 'ग्रीन लाइट' (Green Light) गाना बजाकर अंतरिक्ष यात्रियों के दिन की शुरुआत की. यह भी पढ़ें: नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन: 50 साल बाद फिर चंद्रमा की ओर रवाना होंगे इंसान, आज होगा लॉन्च
भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए परीक्षण
यह मिशन लगभग 10 दिनों तक चलेगा. इस दौरान ओरियन यान चंद्रमा के पीछे से होकर गुजरेगा (Lunar Flyby), जो भविष्य के उन मिशनों के लिए महत्वपूर्ण प्रणालियों का परीक्षण करेगा जिनका लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर इंसानों को उतारना है. गुरुवार को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट के जरिए इस मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था.
वापसी और मिशन का समापन
चंद्रमा की परिक्रमा पूरी करने के बाद, ओरियन यान वापस पृथ्वी की ओर रुख करेगा. मिशन का समापन प्रशांत महासागर में अंतरिक्ष यान के 'स्पलैशडाउन' (Splashdown) यानी पानी में सुरक्षित लैंडिंग के साथ होगा. आर्टेमिस II मिशन न केवल तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भविष्य में मंगल ग्रह तक पहुंचने की नासा की व्यापक योजना का भी एक मुख्य हिस्सा है.












QuickLY