Why India Boycotted Asia Cup 1986: टीम इंडिया ने क्यों किया था एशिया कप का बहिष्कार? किस टीम ने की थी भारत को रिप्लेस, जानिए क्या था माजरा
बीसीसीआई का Logo(Photo Credit: X/@BCCI)

Why India Boycotted Asia Cup 1986: एशिया कप 2025 का 17वां संस्करण इस हफ्ते यूएई में शुरू हो चुका है. लेकिन इस बार टूर्नामेंट को लेकर उत्साह फीका दिखाई दे रहा है. यहां तक कि भारत-पाकिस्तान का हाई-वोल्टेज मुकाबला भी उम्मीद के मुताबिक चर्चा में नहीं है. टिकट तक नहीं बिके और दुबई में स्टेडियम हाउसफुल होने की संभावना कम लग रही है. पाकिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर बहिष्कार की आवाजें भी उठ रही हैं. आईपीएल फ्रेंचाइज़ी पंजाब किंग्स ने चुपचाप इस मुकाबले से दूरी बना ली है. एक समय तो ऐसा लगा कि बीसीसीआई भी एशिया कप का बहिष्कार करेगा, लेकिन जुलाई में यह कंफर्म हो गया कि टूर्नामेंट यूएई में खेला जाएगा. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब भारत और एशिया कप का रिश्ता बहिष्कार से जुड़ा हो. साल 1986 में भारत ने टूर्नामेंट से किनारा कर लिया था. आइए पूरी कहानी जानते हैं. क्या भारतीय फैंस का BCCI पर से उठा भरोसा? भारत बनाम पाकिस्तान एशिया कप मैच का कर रहे हैं बॉयकॉट, नहीं बिक रहे महामुकाबले के टिकट

एशिया कप का पहला संस्करण 1984 में यूएई में खेला गया था. सुनील गावस्कर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की. यह टूर्नामेंट तीन मैचों और तीन टीमों का आयोजन था.

1986: क्यों नहीं गया भारत श्रीलंका?

1986 में एशिया कप का दूसरा संस्करण श्रीलंका में खेला जाना था. भारत मौजूदा चैंपियन था और अपने खिताब का बचाव करने वाला था. लेकिन उस समय श्रीलंका में गृह युद्ध की स्थिति बनी हुई थी. इसी कारण भारत सरकार ने बीसीसीआई को निर्देश दिया कि टीम श्रीलंका का दौरा न करे. नतीजा यह रहा कि भारत ने एशिया कप 1986 का बहिष्कार कर दिया. भारत की जगह एक नई टीम बांग्लादेश को मौका मिला. खास बात यह थी कि उस समय तक बांग्लादेश ने एक भी वनडे इंटरनेशनल मैच नहीं खेला था.

बांग्लादेश का डेब्यू

बांग्लादेश ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला. इस मैच में उन्होंने 35.3 ओवरों में सिर्फ 95 रन बनाए। पाकिस्तान ने 32.1 ओवर में यह लक्ष्य हासिल कर लिया. इसके बाद बांग्लादेश का सामना श्रीलंका से हुआ. इस बार उन्होंने 100 रन का आंकड़ा पार किया और 131 रन बनाए. श्रीलंका ने 31.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया. इसी टूर्नामेंट में श्रीलंका ने खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था.

1988: बांग्लादेश ने किया एशिया कप की मेजबानी

1986 के बहिष्कार के बाद भारत 1988 में एशिया कप में लौटा. इस बार टूर्नामेंट की मेजबानी बांग्लादेश ने की. भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में श्रीलंका को हराकर दूसरी बार खिताब जीता था. भारत ने 1990 में पहली बार एशिया कप की मेजबानी की। उस बार पाकिस्तान ने बहिष्कार किया. फाइनल में एक बार फिर श्रीलंका भारत से हार गया और टीम इंडिया ने खिताब बरकरार रखा.

1993 का एशिया कप रद्द हो गया था, लेकिन 1995 में जब टूर्नामेंट खेला गया, तब भी भारत ने श्रीलंका को फाइनल में हराकर खिताब जीता था. इस तरह 1986 का एशिया कप भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक अहम किस्सा है, जब टीम इंडिया ने राजनीतिक हालातों के चलते टूर्नामेंट से दूरी बनाई और बांग्लादेश ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी शुरुआत की.