Mithun Manhas BCCI President: कौन है मिथुन मन्हास? दिल्ली को रणजी जिताने वाला कप्तान अब संभालेगा BCCI की कमान
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Who is Mithun Manhas: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नया अध्यक्ष मिल गया है. पूर्व घरेलू क्रिकेट के दिग्गज मिथुन मन्हास को रोजर बिन्नी की जगह भारतीय क्रिकेट की सबसे शक्तिशाली कुर्सी सौंपी गई है. रविवार क हुई बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (AGM) में उनके नाम पर मुहर लगी. मन्हास का अध्यक्ष बनना कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि वह जम्मू-कश्मीर से आने वाले पहले और साथ ही पहले ऐसे अध्यक्ष हैं जिन्होंने कभी भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला.

कौन हैं मिथुन मन्हास?

45 वर्षीय मिथुन मन्हास का जन्म जम्मू में हुआ था. वह एक दाएं हाथ के मध्य क्रम के बल्लेबाज और कभी-कभी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी भी करते थे. हालांकि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है.

शानदार घरेलू क्रिकेट करियर

मिथुन मन्हास ने अपने 18 साल लंबे फर्स्ट-क्लास करियर में 157 मैच खेले और 45.82 की औसत से 9,714 रन बनाए, जिसमें 27 शतक और 49 अर्धशतक शामिल हैं. वह दिल्ली की घरेलू टीम के एक मजबूत स्तंभ थे और अपनी कप्तानी में उन्होंने दिल्ली को 2007-08 में रणजी ट्रॉफी का खिताब भी जिताया था. उस सीजन में उन्होंने 57.56 की औसत से 921 रन बनाकर अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

इसके अलावा, मन्हास ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी हिस्सा लिया. वह दिल्ली डेयरडेविल्स, पुणे वॉरियर्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमों का हिस्सा रहे.

क्रिकेट से प्रशासन तक का सफर

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी मन्हास खेल से जुड़े रहे. उन्होंने कोचिंग और प्रशासन में भी हाथ आजमाया. वह आईपीएल में गुजरात टाइटंस के सहायक कोच रह चुके हैं. इसके साथ ही वह जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) में क्रिकेट संचालन निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं और बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठकों में संघ का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं.

ऐतिहासिक नियुक्ति

मिथुन मन्हास का बीसीसीआई अध्यक्ष बनना भारतीय क्रिकेट के 97 साल के इतिहास में एक अनूठी घटना है. वह पहले ऐसे अध्यक्ष हैं जो जम्मू-कश्मीर से हैं. साथ ही, वह पहले "अनकैप्ड" खिलाड़ी (जिसने अंतरराष्ट्रीय मैच न खेला हो) हैं जो इस शीर्ष पद पर पहुंचे हैं. उनके पास क्रिकेट का जमीनी अनुभव और प्रशासनिक समझ दोनों है, जिससे भारतीय क्रिकेट को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.